ऐ भाई...जरा देखकर चलो : बरसात से पहले ही उधड़ीं कोटा की सड़कें, हादसों को न्योता दे रही बिखरी गिट्टी
चंबल पुलिया पर फिर उभरे गहरे गड्ढे,वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
कोटा। दृश्य एक: कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप सर्किल के मोड़ पर काफी बड़े हिस्से में सड़क खराब हो रही है। जिसका डामर उखड़ चुका है। वहां फेली गिट्टी से वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है। विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
दृश्य दो: नयापुरा स्थित चम्बल की बड़ी पुलिया का हाल तो अभी अच्छी तरह से बरसात नहीं होने से पहले ही बिगड़ चुका है। कुन्हाड़ी से नयापुरा की तरफ आने वाली पुलिया पर कुछ हिस्से को छोड़कर अधिक सड़क पर बड़े-बड़े हो रहे हैं। जिससे हाइवे होने से तेज गति से आने वाले वाहनों के दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
दृश्य तीन: शहर का प्रवेश नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल की हालत देखकर शहरवासी ही नहीं बाहर से आने वाले तक परेशान हो रहे हैं। यहां विवेकानंद की मूर्ति के आसपास से लेकर काफी अधिक हिस्से की सड़क पर गड्ढ़े ही गड्ढ़े हो रहे हैं। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन हिचकोले खा रहे हैं।
ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर की सड़कों की हालत बयां करने के लिए। बरसात का सीजन चल रहा है। ऐसे में अभी तक तो शहर में अच्छी तरह से बरसात भी नहीं हुई है। उससे पहले ही सड़कों की हालत खराब हो रही है। हालत भी ऐसी है कि जिन पर पैदल चलना तो दूर वाहन चालकों तक का चलना मुश्किल हो रहा है।
शहर में एक दो जगह नहीं वरन् अधिकतर क्षेत्रों में मुख्य मार्गों तक की हालत इतनी बदतर हो रही है कि उन पर से वाहनों के निकलने पर हादसों का खतरा बना हुआ है। इतना ही नहीं शहर के अंदरूनी इलाकों की सड़कों की हालत तो इनसे भी अधिक खराब हो रही है।
पुलिया की हर बार मरम्मत फिर भी खराब
नयापुरा स्थित चम्बल की बड़ी पुलिया की हालत देखकर ऐसा लगता है मानो किसी ग्रामीण क्षेत्र से गुजर रहे हों। जबकि यह जयपुर से आने वाले हाइवे है। इस पुलिया पर हर बार बरसात के समय गड्ढ़े होने पर इसकी मरम्तत करवाई जाती है। उसके बाद फिर से यही हालत हो रही है। यहां पूर्व में भी इसी तरह के गड्ढ़ों के कारण बाइक से गिरने पर एक महिला की मौत तक हो चुकी है। हालांकि नयापुरा से कुन्हाड़ी की तरफ जाने वाली पुलिया काफी हद तक सही है। हालांकि उस पर भी डामर के इतने अधिक पेचवर्क हो रहे हैं लेकिन वह खराब नहीं हो रही है।बैराज के समानांतर पुल हो या शहर की अन्य सड़कें इन दिनों सभी की हालत खराब है। सीवरेज के कारण बोच से खोदी गई सड़कें और अब गैस लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।
गड्ढ़ों से अधिक खतरनाक है गिट्टी
बरसात के समय सड़क के गड्ढ़े तो हादसों का कारण बन ही रहे हैं। गड्ढ़ों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं होने से अचानक आने वाले वाहनों के गड्ढ़ों में दचके लगने से हादसे हो रहे हैं। वहीं इनसे भी अधिक खतरनाक हैं सड़कों पर फेली गिट्टी। सीएडी रोड से लेकर विज्ञान नगर तक में मुख्य मार्गों पर बरसात के कारण डामर हटने से वहां गिट्टी फेली हुई है। जिससे उन पर से गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है। विशेष रूप से दो पहिया वाहन अधिक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।गिट्टी पर वाहन फिसलने से वह काफी दूर तक घसीटकर जाते हैं। जिससे चोट लगने के साथ ही पीछे से आने वाले वाहनों के कारण जान जाने तक का खतरा बना हुआ है।
सही ढंग से हो सड़कों का काम
नयापुरा निवासी संजय विजय का कहना है कि आम आदमी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सड़क ही है। करोड़ों के भवन बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण सड़क सही होना है। ऐसे में जो भी विभाग या एजेंसी सड़क बनाए तो इसका काम सही ढंग से होना चाहिए। बार-बार सड़कों की मरम्तत की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। यदि एक ही सड़क पर बार-बार पेचवर्क करना पड़ रहा है तो संबंधित संवेदक व इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दादाबाड़ी निवासी अजय जैन का कहना है कि बरसात में हर साल सड़कें खराब होती हैं। लेकिन इस बार तो अभी तक सही ढंग से बरसात भी नहीं आई है। ऐसे में सड़कें खराब होने से हादसों का खतरा अधिक बना हुआ है। प्रशासन को चाहिए कि बरसात से पहले ही सड़कों की मरम्मत करवा दी जाए जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो।
इनका कहना है
कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में सड़कों के गड्ढ़ों व बदहाल सड़कों का सर्वे कराया जा रहा है। जहां सड़कें खराब हो रही हैं उन्हें सही कराया जा रहा है। इसके बाद भी यदि कहीं सड़क खराब हो रही है तो उन्हें भी सही करवा दिया जाएगा।
- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण

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