असर खबर का : कोटा के 1086 स्कूलों को जल्द मिलेगा 4 करोड़ से ज्यादा का बजट, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जारी की प्रशासनिक स्वीकृति
जिले के प्रारम्भिक शिक्षा के 753 स्कूलों को 191.60 लाख और माध्यमिक के 333 स्कूलों को मिलेंगे 210 लाख रुपए
नवज्योति ने उठाया था वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक कम्पोजिट स्कूल ग्रांट राशि नहीं मिलने का मामला ।
कोटा। कोटा जिले के प्रारंभिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा के एक हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों के खाते में किसी भी वक्त 4 करोड़ से ज्यादा का बजट आ सकता है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। जिसके जारी होते ही स्कूलों के खातों में नामांकन के हिसाब से तय की गई निर्धारित राशि जमा हो जाएगी। हालांकि, इस राशि को वित्तीय वर्ष की समाप्ती 31 मार्च से पहले खर्च करना होगा, नहीं तो यह बजट लैप्स होने का खतरा बना रहेगा।
दरअसल, विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार से मिलने वाली कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक नहीं मिलने से संस्था प्रधान व शिक्षक परेशान थे। इसको लेकर दैनिक नवज्योति ने गत 23 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ती का काउंड-डाउन तेज कर रहा गुरूजी की धड़कनें३३ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शिक्षकों की पीड़ा बयां की थी। इसके बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सत्र 2025-26 के लिए बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की।
प्रदेश के 69 हजार से अधिक स्कूलों को मिलेगा बजट
परिषद की ओर से जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा के 50 हजार 318 एवं माध्यमिक शिक्षा के 18 हजार 799 स्कूलों के लिए नामांकन के अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए एवं 11302.300 करोड़ रुपए का बजट जारी होगा। इसमें कोटा जिले के प्रारम्भिक शिक्षा के 753 स्कूलों को 191.60 लाख रुपए एवं माध्यमिक शिक्षा के 333 स्कूलों को 210.000 लाख रुपए जारी किए जाएंगे। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा।
स्कूलों को इन कार्यों पर खर्च करनी होगी राशि
ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।
स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य
शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है।
कोटा में नामांकन अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या
प्राथमिक विद्यालय
-1 से 30 नामांकन वाले 263 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।
-31 से 100 नामांकन वाले 369 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।
-101 से 250 नामांकन वाले 141 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।
-1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए।
माध्यमिक विद्यालय
-31 से 100 नामांकन वाले 9 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।
-101 से 250 नामांकन वाले 143 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।
-250 से 1000 नामांकन वाले 179 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए।
-1000 से अधिक नामांकन वाले 2 स्कूलों को प्रति स्कूल एक लाख रुपए।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों को पूरे वित्तीय वर्ष में नामांकन के अनुसार मिलने वाली ग्रांट की राशि शिक्षा सत्र की शुरूआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए। ताकि, स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके और राशि के अभाव में स्कूल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा
कंपोजिट स्कूल ग्रांट बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है। अब वित्तीय स्वीकृति जारी होते ही स्कूलों के खातों में राशि आ जाएगी। हमारी ओर से सभी तैयारी पूरी है। बजट आते ही हम सीबीईओ के माध्यम से स्कूलों को राशि आवंटित कर दी जाएगी।
-आदित्य विजय, एडीपीसी समग्र शिक्षा कोटा

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