स्वदेशी से सजा कोटा का बाजार : दीपावली पर रहेगी मेक इन इंडिया की चमक, मिट्टी के दीयों की बढ़ी मांग
ग्राहकों में पानी वाले दीयों और स्वदेशी लाइटों का बढ़ा क्रेज
स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
कोटा। त्योहारों के इस मौसम में जब बाजार विदेशी वस्तुओं से भरे पड़े हैं, तब कोटा में स्वदेशी उत्पादों की मांग ने नई दिशा दिखाई है। मेक इन इंडिया की भावना को आगे बढ़ाते हुए शहर के बाजारों में देसी वस्तुएं ग्राहकों की पहली पसंद बन चुकी हैं। दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर स्वदेशी दीयों, देशी लाइटों और हस्तनिर्मित सजावट सामग्री के साथ कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स तक में स्वदेशी को लोग प्राथमिकता में रख रहे हैं। लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में निर्मित वस्तुओं को अपनाने से स्थानीय उद्योगों को बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस दीपावली पर कोटा के बाजारों में विदेशी नहीं, स्वदेशी दीयों व लाइट की रोशनी ज्यादा चमकेगी।
मिट्टी के दीयों की चमक बरकरार
कोटा के कुम्हारों के मोहल्ले में दीपावली से पहले मिट्टी के दीये बनाने का काम जोरों पर है। धनराज प्रजापत, जो पिछले 35 वर्षों से यह काम कर रहे हैं, बताते हैं कि हर दिन 500 से 1000 दीये बिक जाते हैं। ग्राहकों में दीयों के प्रति उत्साह इतना है कि बूंदी और नेमवा से कच्चा माल मंगवाना पड़ रहा है। छोटे-बड़े हर आकार के दीये तैयार कर रहे हैं। साथ ही करवा, कलश और मटकियों की बिक्री भी बढ़ी है।
स्वदेशी उत्पादों से लोगों को मिल रोजगार
स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मिट्टी के दीये हो या हस्तनिर्मित तोरण और जैविक रंग—शहर के बाजारों में देसी उत्पादों की चमक बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी अपनाओ मुहिम से प्रेरित होकर लोग अब देश में बने उत्पादों को अपनाने में गर्व महसूस कर रहे हैं।
-अशोक माहेश्वरी, व्यापार महासंघ
इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में स्वदेशी उत्पादों का बोलबाला
कोटा के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इन दिनों दीपावली की रौनक देखते ही बनती है। दुकानदारों के अनुसार ग्राहक अब मेड इन इंडिया टैग वाले उत्पाद ही मांग रहे हैं। हमारे पास देसी और विदेशी दोनों तरह की लाइटें हैं, लेकिन ग्राहक अब स्वदेशी लाइटों को प्राथमिकता देते हैं। अहमदाबाद और इंदौर से मंगवाई गईं देसी लाइटें टिकाऊ और मरम्मत योग्य हैं, इसलिए लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं।
-अभिषेक सोनी, इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी
पानी वाले दीयों की मांग बढ़ी
इस बार पानी वाले दीये, थ्री चीप सीरिज, 8 एमएम सीरिज और मल्टी रोप लाइटों की भारी मांग है। ग्राहक दस गुणा दस झरना और डिस्को बल्ब जैसे आकर्षक मॉडल भी खरीद रहे हैं। बाजारों में दीपावली को लेकर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
-घनश्याम आहुजा, व्यापारी
ग्राहकी हुई दोगुनी
कुन्हाड़ी रोड की 60 वर्षीय शायरादेवी बताती हैं कि दीपावली और करवा चौथ पर उनकी ग्राहकी दोगुनी हो गई है। बूंदी से तैयार माल मंगवाकर बेच रहे हैं। शाम को ग्राहकों की भीड़ रहती है। करवा की बिक्री भी जोर पर है। यह काम हमारी पुश्तैनी परंपरा का हिस्सा है।
स्वदेशी लाइटों की डिमांड बढी
शहर में दीपावली पर्व को लेकर मेक इन इंडिया के उत्पादों को क्रेज बढ़ रहा है। बाजार में इन दिनों चीनी उत्पाद भी मौजूद है जो काफी सस्ता है लेकिन आने वाले ग्राहक अधिकतर स्वदेशी उत्पाद को ही पसंद कर रहे है। पानी वाला दीया जो पानी से चलता है लोग काफी पसंद कर रहे है। वहीं मल्टी रोप लाइट को भी पसंद कर रहे है।
-मुकेश आहुजा, कोटा

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