Voice of Gen-Z & Alpha : कागजी डिग्री और स्कूल कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है आज का युवा

किताबी ज्ञान से निकलकर कौशल, प्रैक्टिकल और रुचि आधारित शिक्षा की जरूरत

Voice of Gen-Z & Alpha : कागजी डिग्री और स्कूल कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है आज का युवा
युवाओं ने कहा-बचपन से ही पहचानें प्रतिभा, तभी रोजगार की राह होगी आसान

कोटा। दैनिक नवज्योति के अभियान वाइस ऑफ जेन जी एन्ड अल्फा के तहत युवाओं से पूछा गया कि वर्तमान में उन्हें कॉलेज - स्कूल में मिल रही शिक्षा से क्या वह संतुष्ट हैं। युवाओं का कहना है कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली में बदलाव जरूरी है। उन्हें कागजी डिग्री नहीं चाहिए। किताबों के साथ प्रैक्टिकल अनुभव, स्किल डेवलपमेंट, एआई और कोडिंग जैसी आधुनिक जरूरतों को भी शिक्षा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। युवाओं का मानना है कि यदि बच्चे को शुरुआती स्तर से ही उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप सीखने का अवसर मिले तो वह अपनी पसंद के क्षेत्र में बेहतर कौशल विकसित कर सकता है। इससे पढ़ाई केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम न रहकर भविष्य निर्माण का साधन बन सकेगी।

बच्चों के कौशल पर दें ध्यान
बच्चों को पढ़ाना जरूरी है, लेकिन साथ ही उन्हें उनकी रुचि के क्षेत्र में सीखने का अवसर भी मिलना चाहिए। इससे उनके कौशल का विकास होगा और वे बड़े होकर अपनी पसंद के क्षेत्र में बेहतर कर सकेंगे। देश में बेरोजगारी कम करने के लिए शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
- दिव्यांश सोनी, कॉलेज स्टूडेन्ट

पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल भी जरूरी
हम जो पढ़ रहे है, उसे अपने भविष्य के लक्ष्य से जोड़कर उसका प्रैक्टिकल अनुभव भी दिया जाना चाहिए। इससे रुचि बढ़ेगी। जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी जिम्मेदारियां निभाना और अपने काम खुद करना सिखाया जाता है। हमारे यहां भी बच्चों में ऐसी आदतें विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
- आलिशा गौड़, कॉलेज स्टूडेन्ट

किताबों से आगे बढ़े शिक्षा व्यवस्था
दुनिया के कई विकसित देशों में शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर एआई, कोडिंग, कौशल और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा जा रहा है। हमारे यहां अब भी किताबी ज्ञान पर अधिक जोर है। पढ़ाई के दबाव से कई बार बच्चे तनाव में भी आ जाते हैं। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में समय के साथ बदलाव जरूरी है।
- प्रतिष्ठा, कॉलेज स्टूडेन्ट

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रुचि के मुताबिक मिले शिक्षा
देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए। बोर्ड परीक्षा के बाद बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार प्रैक्टिकल शिक्षा दी जानी चाहिए। बच्चा भविष्य में जो बनना चाहता है, उसे उस क्षेत्र का अधिक से अधिक ज्ञान और अनुभव दिया जाए। युवाओं के अनुसार ऐसी शिक्षा उन्हें रोजगार के लिए ज्यादा तैयार कर सकती है।
- नेहा अग्रवाल, कॉलेज स्टूडेन्ट

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