Space Exploration
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Read More... चांद पर भारतीयों को उतारने की तैयारी तेज! इसरो विकसित कर रहा 2400 किलो न्यूटन क्षमता वाला इंजन
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By Jaipur NM
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भविष्य के प्रक्षेपण यानों और 2040 के मानवयुक्त चंद्रमा मिशन के लिए स्वदेशी एलओएक्स-मीथेन इंजन (एलएमई1100) विकसित कर रहा है। 1100 किलो न्यूटन क्षमता वाले इस स्वच्छ दहन इंजन के एकीकृत परीक्षण अगले वर्ष मध्य तक करने का लक्ष्य है। सूर्य के रहस्यमयी विस्फोटों का खुलेगा राज, आदित्य-एल1 और प्रोबा-3 ने मिलकर की बड़ी खोज
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भारत के आदित्य-एल1 और यूरोप के प्रोबा-3 मिशन ने मिलकर सौर विस्फोटों (सीएमई) का पहला संयुक्त विश्लेषण सफलता से पूरा किया है। बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन में सूर्य के निकटतम क्षेत्र में सीएमई के द्रव्यमान, घनत्व और ऊर्जा का सटीक आकलन किया गया, जो 'एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। अमेरिका की चांद की ओर ऐतिहासिक उड़ान : 54 साल बाद इतिहास की दहलीज पर नासा, आर्टेमिस-II मिशन के पहले 48 घंटे सबसे अहम, पढ़ें सब कुछ
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अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग में नासा ने आर्टेमिस II मिशन लॉन्च कर इतिहास रच दिया है। चार अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा की ओर रवाना हुआ। शक्तिशाली Space Launch System रॉकेट ने इस ऐतिहासिक उड़ान को संभव बनाया, जो भविष्य में मानव को दोबारा चांद पर भेजने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। 53 साल बाद चांद पर इंसान भेजने की तैयारी: नासा के चंद्रमा मिशन आर्टेमिस-II के लिए उल्टी गिनती शुरू, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?
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नासा ने ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मिशन के लिए उल्टी गिनती शुरू कर दी है। चार अंतरिक्ष यात्री 1 अप्रैल को चंद्रमा की 10 दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। कैनेडी स्पेस सेंटर पर रॉकेट में ईंधन भरने और प्रणालियों की जांच का काम जारी है। यह मिशन भविष्य के मानव चंद्रमा अभियानों के लिए ओरियन अंतरिक्ष यान की जीवन रक्षक प्रणालियों का परीक्षण करेगा। एस. सोमनाथ ने कहा, इसरो का अगली पीढ़ी का प्रक्षेपण वाहन 'सूर्या' को मिलेगी नई पहचान, जानें कैसे?
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इसरो का नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल 'सूर्या' (NGLV) पुन: उपयोग योग्य तकनीक से लैस होगा। ₹8,240 करोड़ की लागत से बनने वाला यह रॉकेट 30 टन भार ले जाने में सक्षम होगा। 