परमाणु रक्षा समझौते के बाद पाक-सऊदी के बीच एक और बड़ी डील, साझा खुफिया तंत्र बनाने पर सहमति
दोनों देशों की इंटेलिजेंस एजेंसी अपने-अपने मुख्यालयों में बनाएंगी स्पेशल सेल
रियाद/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौते के बाद एक और बहुत बड़ा समझौता किया गया है। नया समझौता साझा खुफिया तंत्र बनाने को लेकर है। पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान और सऊदी अरब ने रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते किया था, जिसके बाद दोनों देशों ने ज्वाइंट इंटेलिजेंस मैकेनिज्म स्थापित करने का फैसला किया है। इसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में आपसी समन्वय को मजबूत करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह समिति दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों, कमांडरों और अन्य संवेदनशील व्यक्तियों को संभावित खतरों या हमलों से बचाने के लिए काम करेगी। सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस पहल के तहत इस्लामाबाद और रियाद के बीच एक खुफिया हॉटलाइन स्थापित की जाएगी ताकि नियमित आधार पर लगातार, वास्तविक समय पर खुफिया जानकारी साझा की जाए और कम्युनिकेशन का प्रवाह लगातार बना रहे।
दोनों देशों की इंटेलिजेंस एजेंसी अपने-अपने मुख्यालयों में बनाएंगी स्पेशल सेल :
पाकिस्तान के शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह तंत्र न सिर्फ दोनों देशों के अहम राजनीतिक, सैन्य और वैज्ञानिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि रक्षा साझेदारी को भी गहराई देगा। इस समझौते के तहत दोनों सरकारें इस बात पर सहमत हुई हैं कि बदलते जियो-पॉलिटिकल हालात में पाकिस्तान और सऊदी अरब को आपसी सहयोग से अपने-अपने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना होगा। ये नई व्यवस्था जॉइंट इंटेलिजेंस कमेटी के इर्द-गिर्द किया जाएगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी गतिविधियों पर नजर रखेगी। इस नई व्यवस्था के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और सऊदी अरब की जनरल इंटेलिजेंस प्रेसिडेंसी अपने-अपने मुख्यालयों में स्पेशल इंटेलिजेंस सेल्स बनाएंगी। इन सेल्स का काम खुफिया जानकारी जुटाना, खतरे का आकलन करना और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए कॉर्डिनेटेड कार्रवाई करना होगा।

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