अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा

अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल
अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 20 रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। सोमवार को ओमान तट के पास ईरानी 'शाहेद' ड्रोन द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार और ड्रोन केंद्रों को नष्ट कर दिया है।

वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उसने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठान और ड्रोन नियंत्रण केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक जवाब थी।

यह नया तनाव बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम हवाई ठिकाने को निशाना बनाया था। कुवैती सैन्य अधिकारियों ने बाद में कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई ड्रोन अपने तय निशाने तक पहुँच पाया था या नहीं।

दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद से यह अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है, जिसने पहले से ही कमजोर शांति समझौते को और बिगाड़ दिया है। अमेरिकी समाचार सूत्रों के अनुसार, सोमवार को ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में गश्त के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान निर्मित 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया गया था। केंद्रीय कमान ने बताया कि हमले के बाद विमान समुद्र में गिर गया था, जिसके बाद दोनों पायलटों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया।

ईरानी सैन्य अभियानों में ये ड्रोन मुख्य आक्रामक हथियारों में से एक बन गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके अलावा, ईरान ने ये ड्रोन रूस को भी दिए हैं, जिसका इस्तेमाल उसकी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है।

Read More बाब अल-मंदेब में बढ़ा तनाव, हूती चेतावनी के बाद सऊदी गठबंधन ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा बढ़ाई

Post Comment

Comment List

Latest News

राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की हुई बैठक, पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की हुई बैठक, पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायत राज संगठन ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पंचायत एवं निकाय चुनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित। 500...
होर्मुज में स्थिति अपरिवर्तित, संप्रभुता की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता: ईरान
केजरीवाल का बड़ा ऐलान: ई-20 पेट्रोल पर देशव्यापी अभियान चलायेगी आप, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
183 निकायों में 24,752 सफाई कर्मियों की भर्ती, 15 अगस्त से आवेदन शुरू 
छात्रों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो, एनटीए को बैन करे सरकार: एनएसयूआई
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच तेज, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई एसआईटी में फॉरेंसिक ऑडिटर और सीए भी होंगे शामिल
ओडिशा में पाठ्यपुस्तक विवाद गरमाया, कांग्रेस-बीजद ने शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का मांगा इस्तीफा