अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा
वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उसने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठान और ड्रोन नियंत्रण केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक जवाब थी।
यह नया तनाव बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम हवाई ठिकाने को निशाना बनाया था। कुवैती सैन्य अधिकारियों ने बाद में कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई ड्रोन अपने तय निशाने तक पहुँच पाया था या नहीं।
दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद से यह अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है, जिसने पहले से ही कमजोर शांति समझौते को और बिगाड़ दिया है। अमेरिकी समाचार सूत्रों के अनुसार, सोमवार को ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में गश्त के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान निर्मित 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया गया था। केंद्रीय कमान ने बताया कि हमले के बाद विमान समुद्र में गिर गया था, जिसके बाद दोनों पायलटों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया।
ईरानी सैन्य अभियानों में ये ड्रोन मुख्य आक्रामक हथियारों में से एक बन गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके अलावा, ईरान ने ये ड्रोन रूस को भी दिए हैं, जिसका इस्तेमाल उसकी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है।

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