कीव पहुंचकर ब्रिटिश पीएम स्टार्मर का बड़ा ऐलान, बोले-यूक्रेन के लिए ब्रिटेन का समर्थन हर हाल में रहेगा अटूट
यूक्रेन का साथ नहीं छोड़ेगा लंदन
कीव। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यूक्रेन के प्रति अपने देश के समर्थन को 'अटूट' बताया और कहा कि ब्रिटेन न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। कीव पहुंचने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से पहले स्टार्मर ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेनी जनता के साहस और धैर्य ने रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद पूरे यूरोप की सुरक्षा को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।उन्होंने कहा, "यूक्रेन के प्रति ब्रिटेन का अटूट समर्थन हमेशा जारी रहेगा। यह केवल यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन के उन परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिन्होंने इस युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई का बोझ झेला है।"
स्टार्मर ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने तय किया था कि ब्रिटेन केवल संकट की घड़ी में यूक्रेन के साथ खड़ा नहीं रहेगा, बल्कि उसकी दीर्घकालिक सुरक्षा और पुनर्निर्माण की नींव मजबूत करने में भी सहयोग करेगा। इसी उद्देश्य से ब्रिटेन ने रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाया, आधुनिक युद्ध प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा दिया और यूक्रेन को अधिक मजबूत स्थिति में लाने के लिए सहयोगी देशों को भी साथ जोड़ा। उन्होंने कहा कि हाल में आयोजित जी-7 और नाटो शिखर सम्मेलनों में यह स्पष्ट हो गया है कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी रूस की आक्रामकता के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं।
अपने कार्यकाल में स्टार्मर सरकार ने यूक्रेन को प्रतिवर्ष तीन अरब पाउंड की सैन्य सहायता देने की प्रतिबद्धता जतायी, लाखों ड्रोन, मिसाइलें और तोपों के गोले उपलब्ध कराये तथा यूक्रेन की सुरक्षा के लिए गठित 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभायी। ब्रिटेन ने यूक्रेन के साथ रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में 100 वर्षीय साझेदारी समझौता भी किया। इसके साथ ही रूस के युद्ध प्रयासों से जुड़े व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों पर कई दौर के प्रतिबंध लगाये। कीव यात्रा से पहले स्टार्मर ने पेरिस में आयोजित 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की बैठक में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने और ब्रिटिश रक्षा कंपनियों को अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 78 अरब पाउंड की यूक्रेन सहायता ऋण पहल में शामिल होने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि भले ही उनका प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल समाप्त होने वाला है, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थापित साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों के माध्यम से यूक्रेन के प्रति ब्रिटेन का समर्थन जारी रहेगा। स्टार्मर सरकार ने रूस पर अब तक 1,400 से अधिक व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों पर प्रतिबंध लगाये हैं। इनमें रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' से जुड़े लगभग 600 तेल टैंकर भी शामिल हैं। इसके अलावा ब्रिटेन रूस की चार प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट, लुकोइल, गजप्रोम नेफ्ट और सुरगुतनेफ्टेगाज पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला जी-7 देश भी बना।

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