राज्यपाल के मराठी भाषा निर्देश का गोविन्द डोटासरा ने किया विरोध, कहा- राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने में विफल रही सरकार
विश्वविद्यालयों में मराठी पढ़ाने का निर्देश नीतिगत दृष्टि से उचित नहीं
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के सभी विश्वविद्यालय में मराठी भाषा को लागू करने के निर्णय पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने हमला बोलते हुए इसे नीतिगत रूप से सही नहीं माना है। डोटासरा ने कहा है कि माननीय राज्यपाल द्वारा राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी पढ़ाने का निर्देश नीतिगत दृष्टि से उचित नहीं है।
विश्वविद्यालयों और स्कूलों में कौन-सी भाषा या विषय पढ़ाए जाएंगे, ये निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत सरकार का होना चाहिए, न कि लोकभवन का। राजस्थान में सबसे पहले राजस्थानी भाषा को पढ़ाया जाना चाहिए। हमारी प्राथमिकता राजस्थानी भाषा की शैली तैयार करने, उसके अध्ययन, संरक्षण और उसे संवैधानिक दर्जा की होनी चाहिए।
राजस्थान विधानसभा पहले ही सर्वसम्मति से राजस्थानी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। कांग्रेस पार्टी लगातार राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग उठाती रही है। विडंबना ये है कि स्वयं को 'डबल इंजन' की सरकार बताने वाली भाजपा आज तक राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने में पूरी तरह विफल रही है।

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