15 अगस्त तक चलेगा विशेष पोषण अभियान, घर-घर सर्वे कर लाभार्थियों का होगा पंजीकरण
अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण अभियान 2.0 एवं सक्षम आंगनबाड़ी के तहत 1 जुलाई से 15 अगस्त तक राज्यभर में विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी क्षेत्रों में सभी पात्र लाभार्थियों तक पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, घर-घर सर्वे कर उनका पंजीकरण करना तथा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी करना है।
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि अभियान के सफल संचालन को लेकर शासन सचिव पूनम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक घर का सर्वे कर पात्र गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, छह वर्ष तक के बच्चों और स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों का पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण सुनिश्चित करेंगी।
अभियान के तहत सभी बच्चों का वजन और लंबाई-ऊंचाई का वैज्ञानिक तरीके से मापन कर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा। इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिला पर्यवेक्षक प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10 बच्चों का रैंडम सत्यापन करेंगी।
इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की प्रोफाइल, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) तथा बीमा योजनाओं से संबंधित आंकड़ों को भी अपडेट किया जाएगा। सामुदायिक बैठकों के माध्यम से मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना, मुख्यमंत्री मातृ पोषण योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र तथा अतिकुपोषित बच्चों के लिए दुधयुक्त बालाहार जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए महिला पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी और उपनिदेशक नियमित निरीक्षण करेंगे। सभी अधिकारियों को प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र भ्रमण निगरानी" गूगल फॉर्म पर निरीक्षण रिपोर्ट दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
विभाग के अनुसार, अभियान शुरू होने से पहले जून माह में यूनिसेफ के सहयोग से सभी स्तरों पर कार्मिकों का प्रशिक्षण कराया गया। विभाग का मानना है कि यह विशेष अभियान पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और कवरेज बढ़ाने के साथ वंचित लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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