चीन का बड़ा दावा, जापान के पास इतना प्लूटोनियम कि रातो-रात बना ले परमाणु बम
चीन का आरोप: जापान गुप्त रूप से बना रहा परमाणु हथियार
चीन ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि जापान ने सैन्य महत्वाकांक्षाओं के चलते गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित किए हैं।
टोक्यो। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे। उसके बाद जापान ने प्रण लिया था कि वो अपनी सेना नहीं रखेगा। कई दशक बीतने के बाद अब जापान ना सिर्फ अपनी सेना बना रहा है, बल्कि चीन ने दावा किया है कि जापान, गुप्त तरीके से परमाणु बम का निर्माण कर रहा है।
हालांकि, परमाणु हथियारों को लेकर जापान का हमेशा से सख्त रूख रहा है और उसने फरवरी 1970 में क्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी पर साइन कर दिए थे। इसके अलावा जापान तीन नॉन-न्यूक्लियर सिद्धांतों का भी पालन करता है। ये तीन सिद्धांत हैं 1- न्यूक्लियर हथियार न रखना, 2- न्यूक्लियर हथियार ना बनाना, 3- जापानी इलाके में न्यूक्लियर हथियारों को आने की इजाजत न देना। जापान का ये सिद्धांत ऐतिहासिक था, लेकिन नये जियो-पॉलिटिकल हालातों और चीन के बढ़ते खतरों ने जापान को परमाणु हथियार बनाने के लिए मजबूर कर दिया है।
जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने पिछले दिनों कहा था कि चीन अगर ताइवान पर सशस्त्र हमला करता है, तो इससे जापान के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे ऐसे हालात में जापानी सेना की जवाबी कार्रवाई की संभावना खुल जाती है। चीन के अलावा जापान को उत्तर कोरिया के हमले की भी आशंका रहती है, जिसके पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट है कि जापान ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों के खतरों को देखते हुए दूसरे देशों को जानलेवा हथियार एक्सपोर्ट करने पर खुद लगाई गई पाबंदियों में ढील दी है।
क्या जापान चोरी से बना रहा परमाणु बम?
चीन ने इस हफ्ते की शुरूआत में 30 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उसने इंटरनेशनल कम्युनिटी से जापान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ ठोस और कड़े कदम उठाने की अपील की है। चीन के रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान ने शायद पहले ही गुपचुप तरीके से हथियार बनाने लायक प्लूटोनियम बना लिया है और उसके पास कम समय में न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की टेक्नोलॉजिकल और आर्थिक क्षमताएं हैं। इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की एक टिप्पणी का भी जिक्र किया गया है कि जापान के पास लगभग रातों-रात न्यूक्लियर हथियार बनाने की क्षमता है। बाइडेन ने यह जानकारी सबसे पहले जून 2016 में दिए एक इंटरव्यू में दी थी।
शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बाइडेन ने कहा था कि क्या होगा अगर जापान, जो कल न्यूक्लियर पावर बन सकता है, कल ही न्यूक्लियर हथियार बना ले? उनके पास लगभग रातों-रात ऐसा करने की क्षमता है। चीन ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसका शीर्षक जापान के दक्षिणपंथी ताकतों की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाएं: विश्व शांति के लिए एक गंभीर खतरा नाम से है, जो करीब 30 पन्नों का है।
यह रिपोर्ट चाइना आर्म्स कंट्रोल एंड डिसआमार्मेंट एसोसिएशन और न्यूक्लियर स्ट्रेटेजिक प्लानिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, जो चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉपोर्रेशन से जुड़ा एक थिंक टैंक है, उसने मिलकर तैयार किया है। इस डील में कहा गया है कि एनपीटी संधि के तहत जापान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं, कि वो परमाणु हथियारों का निर्माण नहीं करेगा, लेकिन उसने गुपचुप तरीके से न्यूक्लियर हथियारों पर रिसर्च और डवलपमेंट किया है।

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