ईरानी हमलों से बचाव के लिए जार्डन में तैनाती; ईरान को भी मिला इनपुट, चीनी सैटेलाइट्स ने दिखाई अमेरिकी थाड की तैनाती
जॉर्डन में अमेरिकी 'थाड' का खुलासा
चीनी सैटेलाइट तस्वीरों ने जॉर्डन के एयरबेस पर अमेरिकी थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की गुप्त तैनाती उजागर की है। ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा को अभेद्य बनाने की रणनीति है।
नई दिल्ली। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीनी कॉमर्शियल सैटेलाइट कंपनी मिजारविजन की तस्वीरों ने बड़ा खुलासा किया है। इनमें जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर अमेरिकी आर्मी की थाड (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती साफ दिख रही है। यह बेस अमेरिकी फौजों का मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण फॉरवर्ड लोकेशन बनता जा रहा है। ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई से पहले अमेरिका अपनी रक्षा मजबूत करनी करना चाहाता है।
थाड सिस्टम क्या है और क्यों तैनात किया गया?
थाड एक एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है जो ऊंचाई पर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराता है। यह वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह काम करता है। अमेरिकी आर्मी के पास सिर्फ 8 थाड बैटरी हैं। इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक बहुत सीमित है।
जॉर्डन में तैनाती का मतलब...
- अमेरिकी फौजों की बड़ी संख्या को ईरान के संभावित हमलों से बचाना।
- अक्टूबर 2024 से इजरायल में भी कम से कम एक बैटरी तैनात है।
- जॉर्डन का बेस ईरान के करीब है, इसलिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
चीनी सैटेलाइट्स का रोल और संभावित संकेत
ये तस्वीरें सार्वजनिक होने से पहले यह तैनाती गुप्त थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या चीन जानबूझकर यह जानकारी ईरान तक पहुंचा रहा है? कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीनी युद्धपोत पर्सियन गल्फ के पास तैनात हैं, जो अपने सेंसर से अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रखकर ईरान को इंटेलिजेंस दे सकते हैं। इससे चीन अमेरिका को संदेश दे रहा हो सकता है कि वह ईरान की मदद करेगा, जिससे अमेरिकी हमले की संभावना कम हो। सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की वजह से अब जमीनी तैनाती छिपाना मुश्किल हो गया है। इजरायल ने भी ईरान के हमलों के बाद सैटेलाइट जैमिंग की थी ताकि नुकसान का आकलन न हो सके।

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