सीरिया: पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, जानें क्यों मिला मृत्युदंड ?

पूर्व नियोजित हत्या और प्रताड़ना के आरोपों में दोषी करार

सीरिया: पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, जानें क्यों मिला मृत्युदंड ?
दमिश्क की एक अदालत ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को पूर्व नियोजित हत्या, प्रताड़ना और मानवाधिकार उल्लंघनों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। उनके साथ ही दारा प्रांत के पूर्व सुरक्षा प्रमुख आतिफ़ नजीब को भी फांसी की सजा दी गई है। असद वर्ष 2024 में सरकार गिरने के बाद से रूस में शरण लिए हुए हैं।

दमिश्क। सीरिया में दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार को सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें पूर्व नियोजित हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनायी। अदालत ने उनके अलावा सीरिया के दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा के पूर्व प्रमुख आतिफ़ नजीब को भी फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने नजीब को पूर्व नियोजित हत्या और प्रताड़ना के आरोपों में दोषी करार दिया।

गौरतलब है कि बशर अल-असद अपने पिता हाफ़िज़ अल-असद के निधन के बाद वर्ष 2000 में सीरिया के राष्ट्रपति बने थे। शुरुआत में उन्हें एक आधुनिक और सुधारवादी नेता के रूप में देखा गया था, लेकिन 2011 में जब देश भर में उनके शासन के खिलाफ जन प्रदर्शन शुरू हुए, तो उन्होंने उन्हें कुचलने के लिए कठोर सैन्य कार्रवाई का सहारा लिया। इसके बाद सीरिया एक लंबे और विनाशकारी गृहयुद्ध में उलझ गया, जिसमें लाखों नागरिक मारे गए और करोड़ों बेघर हो गए। अपने दो दशक से अधिक के तानाशाही शासन के दौरान असद पर अपनी ही जनता के खिलाफ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल, मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और युद्ध अपराधों के आरोप लगते रहे हैं।

दिसंबर 2024 में सीरियाई विद्रोही बलों द्वारा दमिश्क पर कब्जा करने और सरकार के पतन के बाद, बशर अल-असद आठ दिसंबर 2024 में रूसी सेना की मदद से रातों-रात सीरिया छोड़कर भागे थे, जहाँ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें और उनके परिवार को राजनीतिक शरण दे दी थी। वह वर्तमान में रूस की राजधानी मॉस्को में परिवार के साथ राजनीतिक शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं।

Post Comment

Comment List

Latest News

तस्वीरों, पेंटिंग्स और दुर्लभ वस्तुओं से जीवंत होगी भारत की आज़ादी की कहानी तस्वीरों, पेंटिंग्स और दुर्लभ वस्तुओं से जीवंत होगी भारत की आज़ादी की कहानी
द तुली रिसर्च सेंटर फॉर इंडिया स्टडीज़ द्वारा 12 से 16 अगस्त तक नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में...
रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में जन सरोकार के मुद्दों पर होगा संवाद, कांग्रेस की रणनीति पर होगी चर्चा: संदीप दीक्षित
55 हजार करोड़ से अधिक की बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं की समीक्षा 
कांग्रेस में गुटबाजी : बाड़मेर और अजमेर में अंदरूनी खींचतान आई सामने, नेताओं ने पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा तक पहुंचाई शिकायतें
‘स्कूलों में पढ़ाई बंद हो जाएगी’: उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के तबादले पर तेजस्वी की चिंता,  तबादलों में ‘भेदभाव’ का लगाया आरोप
ईरान ने खुद को साबित किया अजेय शक्ति, अराघची बोले- अमेरिका के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहकर किया आश्चर्यचकित
राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के मॉडल-ए में निवेशकों ने दिखाई रूचि, 23 आवेदन हुए प्राप्त