भारत ज्यादा ही टैक्स ले रहा है: डोनाल्ड ट्रंप

हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगा सकते हैं

भारत ज्यादा ही टैक्स ले रहा है: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पारस्परिक कर (रेसिप्रोकल टैक्स ) लगाने का इरादा जाहिर किया है।

वॉशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पारस्परिक कर (रेसिप्रोकल टैक्स ) लगाने का इरादा जाहिर किया है। ट्रंप ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि अगर वो हम पर भारी टैक्स लगाते हैं, तो हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अभी तक वो टैक्स लगा रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रंप का ये बयान उनके राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से कुछ दिन पहले आया है। ट्रंप इससे पहले भी भारत की टैरिफ किंग कह कर आलोचना कर चुके हैं। ट्रंप ने हाल ही में ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर के अलावा किसी भी मुद्रा का समर्थन करने पर उनके निर्यात पर 100 प्रतिशत कर लगाने की चेतावनी दी थी। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि टैक्स के मामले में रेसिप्रोकल टैक्स महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर कोई हम पर शुल्क लगाता है, तो हमें भी ऐसा करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत, चीन, ब्राजील जैसे कई देश बहुत अधिक शुल्क ले रहे हैं। अगर वे अमेरिका पर शुल्क लगाना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन हम उनसे भी वही शुल्क लेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के अलावा कनाडा को भी हाल ही में चेतावनी दी है कि अगर वे अमेरिका में ड्रग्स और अवैध अप्रवासियों की एंट्री नहीं रोकते हैं, तो उन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएंगे।

पहले कार्यकाल में भी लगाए थे टैरिफ :

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी भारतीय स्टील और एल्यूमीनियम पर उच्च टैरिफ लगाए थे। इससे बादाम और सेब जैसे अमेरिकी उत्पादों पर भारत ने जवाबी शुल्क लगाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप फिर से भारत को निशाना बनाते हैं तो इसी तरह के व्यापारिक तनाव पैदा हो सकते हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव ने टीओआई से कहा है कि ट्रंप की पारस्परिक व्यापार नीति के तहत ऑटोमोबाइल, कपड़ा और फार्मास्युटिकल्स क्षेत्रों को उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। श्रीराम म्यूचुअल फंड के एक विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी ट्रंप की प्रस्तावित टैरिफ नीतियों के कारण होने वाले व्यापार व्यवधानों से भारत को निर्यात अवसरों का लाभ भी मिल सकता है। चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे प्रमुख व्यापारिक भागीदारों पर ट्रंप के टैरिफ व्यापार प्रवाह को बदल सकते हैं। इससे भारत के लिए अवसर पैदा होंगे। रेसिप्रोकल यानी पारस्परिक टैरिफ को एक ऐसी नीति के रूप में समझा जा सकता है, जहां देश समान वस्तुओं पर अपने व्यापारिक भागीदारों के समान टैरिफ बढ़ाते हैं।

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