रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने की घोषणा : उत्तरी समुद्री मार्ग और आईएनएसटीसी पर अब भारत और रूस ज्यादा तेजी से करेंगे काम

उत्तरी समुद्री मार्ग पर काम करेंगे भारत-रूस

रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने की घोषणा : उत्तरी समुद्री मार्ग और आईएनएसटीसी पर अब भारत और रूस ज्यादा तेजी से करेंगे काम
रूस के साथ संबंधों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बौखलाए हुए हैं। इस कारण उन्होंने भारत के खिलाफ टैरिफ युद्ध छेड़ दिया है।

मॉस्को। रूस के साथ संबंधों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बौखलाए हुए हैं। इस कारण उन्होंने भारत के खिलाफ टैरिफ युद्ध छेड़ दिया है। शुरूआत में तो उन्होंने भारत को टैरिफ किंग बताते हुए 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। फिर उन्होंने रूस के साथ तेल की खरीद के कारण 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इससे भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत पहुंच गया है। ऐसे में भारत ने अमेरिकी दबाव में न झुकते हुए रूस साथ संबंधों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। पिछले 20 दिनों में भारत के दो वरिष्ठ अधिकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल रूस का दौरा कर चुके हैं।

उत्तरी समुद्री मार्ग क्या है?
उत्तरी समुद्री मार्ग समुद्र के जरिए व्यापार को बढ़ाने वाला रास्ता है। यह आर्कटिक को अटलांटिक और प्रशांत महासागरों से जोड़ता है। यह मार्ग रूस के आर्कटिक तट के साथ जुड़ा हुआ है, जिससे रूस का एक बड़ा हिस्सा कनेक्ट हो जाता है। इस रास्ते स्वेज नहर जैसे पारस्परिक मार्गों की तुलना में एशिया और यूरोप के बीच दूरी काफी कम हो जाती है। ऐसे में रूस से एशिया के किसी भी हिस्से में सामान की आवाजाही में पहले से कम समय लगेगा और लागत भी कम आएगी। उत्तरी समुद्री मार्ग से स्वेज नहर की तुलना में शंघाई से यूरोप के रॉटरडैम बंदरगाह के बीच दूरी लगभग 2,800 समुद्री मील कम हो जाएगी, जो कुल दूरी का 22 प्रतिशत है।

उत्तरी समुद्री मार्ग पर काम करेंगे भारत-रूस
इन उच्च स्तरीय मुलाकातों के बाद भारत और रूस ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तरी समुद्री मार्ग पर सहयोग को बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने घोषणा की है कि भारत और रूस उत्तरी समुद्री मार्ग और उत्तर-दक्षिण गलियारे के संयुक्त खोजबीन का लक्ष्य बना रहे हैं। मंटुरोव ने यह ऐलान 20 अगस्त को भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 26वीं बैठक में किया। इसमें भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत का नेतृत्व किया। इस आयोग का गठन भारत और रूस में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।

दोनों देश व्यापार बढ़ाने पर कर रहे काम
मंटुरोव ने कहा कि यह स्पष्ट है कि व्यापार और आर्थिक संबंधों का विस्तार विश्वसनीय लॉजिस्टिक कॉरिडोर बनाने और नई कंटेनर सेवाओं के निर्माण से भी जुड़ा है। इस संबंध में हम उत्तरी समुद्री मार्ग और उत्तर-दक्षिण गलियारे के संयुक्त विकास का लक्ष्य बना रहे हैं। उत्तरी समुद्री मार्ग एक शिपिंग लेन है, जो रूस के आर्कटिक तट से जुड़ा हुआ है। इस मार्ग के खुलने से भारत और रूस के बीच माल ढुलाई में लगने वाला समय उल्लेखनीय रूप से कम होगा।

Read More राजस्थान पुलिस का प्रदेशव्यापी विशेष अभियान : दो दिन में 1259 हार्डकोर अपराधियों पर कार्रवाई, 221 नशा तस्कर गिरफ्तार

आईएनएसटीसी पर भी बन गई है बात
वहीं, भारत और रूस अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा पर भी काम कर रहे हैं, जो एक मल्टी-मोडल परिवहन गलियारा है। इसमें ईरान के जरिए भारत और रूस को जोड़ना शामिल है। आईएनएसटीसी 7200 किलोमीटर लंबा गलियारा है। इसमें समुद्र रेल और सड़क तीनों शामिल हैं, जो दक्षिण एशिया और उत्तरी यूरोप के बीच व्यापार को और सुगम बनाते हैं। इस गलियारे से भारत और रूस पहले से ही व्यापार कर रहे हैं।

Read More नर्स ने अस्पताल संचालक को ब्लैकमेल कर मोटी राशि हड़पी, अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी

 

Read More रिश्तों का खौफनाक अंत, दामाद और उसके पिता पर ससुर की हत्या का आरोप

Tags: russia  

Post Comment

Comment List

Latest News

सवा करोड़ खर्च, फिर भी अधर झूल में तैर रहा  स्विमिंग पूल सवा करोड़ खर्च, फिर भी अधर झूल में तैर रहा स्विमिंग पूल
5 से 8 फीट गहराई से बच्चों और नए तैराकों की सुरक्षा पर चिंता।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से नगरीय विकास और चिकित्सा मंत्रियों की शिष्टाचार भेंट, सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई मुलाकात
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया को मिला नया नेतृत्व, सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य निर्विरोध चुने गए
जयपुर में प्लास्टिक नोटों का ट्रायल : आरबीआई का बड़ा कदम, मौसम के हिसाब से परखी जाएगी करेंसी की मजबूती
फेड मीटिंग से पहले बाजार में हाहाकार : चांदी और सोना हुआ सस्ता, जानें क्या है भाव
ऑफिस टाइम की बारिश बनी आफत, दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों से लोग परेशान
नगर निगम की अनूठी पहल : शिवालयों में चढ़े पत्र-पुष्प अब नहीं जाएंगे कचरे में, शिवार्पणम के तहत मंदिरों के निर्माल्य से बनेगी जैविक खाद