खाड़ी में फिर भड़का तनाव: अमेरिकी कार्रवाई के बाद आईआरजीसी का पलटवार, कई ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर
तेहरान। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने क्षेत्र स्थित कई अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये हैं। ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के हवाले से बुधवार को रिपोर्ट की है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के बलों पर ड्रोन से हमला किया है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यालय ने यह भी दावा किया है कि अगर अमेरिका की आक्रामकता जारी रहती है,तो क्षेत्र में चुनिंदा ठिकानों के खिलाफ और भी बड़े पैमाने पर हमले किये जायेंगे। मंगलवार रात अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा था कि सेना ने अमेरिका के अपाचे सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराये जाने के जवाब में ईरान के खिलाफ हमले किये थे। इसके बाद प्रेस टीवी ने रिपोर्ट दी कि बंदर अब्बास, सीरीक और केश्म द्वीप में विस्फोटों की आवाजें सुनी गयीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने यह भी बताया कि अमेरिकी हमलों में सीरीक में एक दूरसंचार टावर क्षतिग्रस्त हो गया है और दो जलाशय नष्ट हो गये हैं। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि ईरानी सेना किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब के नहीं छोड़ेगी और उन्होंने अमेरिका से इस क्षेत्र को छोड़ने का आह्वान किया।
अराघची ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, “ युद्ध के मैदान में अपनी हार के बावजूद अमेरिका ने हमारे दृढ़ संकल्प की परीक्षा लेने का विकल्प चुना। हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब के नहीं छोड़ेंगी। यदि आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र को छोड़ दें। फारस की खाड़ी के इतिहास में घुसपैठ करने वाले बाहरी लोगों के भयानक अंजाम के कई अध्याय दर्ज हैं। ”

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