भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, रूस से तेल खरीदना पड़ सकता है भारी
नए टैरिफ का खतरा दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ा सकता है तनाव
वॉशिंगटन। रूस से कच्चे तेल की बढ़ती खरीद भारत के लिए नई व्यापारिक चुनौती बन सकती है। अमेरिका की सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक अहम विधेयक को 86-12 के भारी बहुमत से आगे बढ़ा दिया है। प्रस्तावित कानून के तहत रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत और चीन समेत 5 देश संभावित रूप से इसके क्षेत्र में आ सकते हैं।
रूसी प्रतिबंधों से जुड़े इस विधेयक में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों को निशाना बनाए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य रूस की ऊर्जा से होने वाली आय को सीमित करना और दूसरे देशों को रूसी तेल-गैस पर निर्भरता कम करने के लिए मजबूर करना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। ऐसे में नए टैरिफ का खतरा दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है।
भारत के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीद बढ़ाई है। अब अमेरिकी प्रतिबंधों का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर पड़ने की आशंका है।

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