निगम की जमीन पर निजी टिपरों का अतिक्रमण

कई सालों से खड़े लेकिन अधिकारियों को परवाह नहीं

निगम की जमीन पर निजी टिपरों का अतिक्रमण

नगर निगम की सरकारी जमीन पर निगम संवेदक के पुराने टिपर पिछले कई सालों से खड़े हुए हैं। लेकिन निगम अधिकारियों को उसकी परवाह तक नहीं है।

कोटा । नगर निगम की सरकारी जमीन पर निगम संवेदक के पुराने टिपर पिछले कई सालों से खड़े हुए हैं। लेकिन निगम अधिकारियों को उसकी परवाह तक नहीं है।  सीएडी रोड स्थित अम्बेडकर भवन के पीछे खाली जगह पर पिछले कई सालों से पुराने टिपर खड़े हुए हैं। वे भी एक दो नहीं करीब दो दर्जन टिपर  है। वे टिपर न तो काम में आ रहे हैं और न ही नगर निगम के हैं। वे जिस स्थिति में खड़े हुए थे उसी में अभी भी खड़े हुए हैं।

जानकारी करने पर पता चला कि वे टिपर निजी संवेदक के हैं। लोकेश कुमार नाम के व्यक्ति का पूर्व में घर-घर कचरा संग्रहण में निगम में ठेका  था। लेकिन नगर निगम द्वारा स्वयं के टिपर क्रय करने के बाद संवेदक का ठेका खत्म हो गया। ठेके के समय भी वे टिपर यहीं खड़े हो रहे थे और ठेका खत्म होने के बाद भी वे टिपर वहीं खडें हुए हैं। सरकारी जमीन पर निजी वाहनों  के जरिय अतिक्रमण किया हुआ है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी उन्हें न तो हटवा सके और न ही जगह को खाली करवा सके। उन टिपरों को देखकर वहां एक के बाद एक कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है।

दो साल पहले हुआ ठेका खत्म
लोकेश कुमार ने बताया कि  नगर निगम द्वारा वर्ष 2018 में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की गई थी। उस समय उन्होंने 50 टिपर क्रय किए थे। जिन्हें ठेके पर निगम में लगाया था। लेकिन वर्ष 2020 में निगम ने स्वय के टिपर क्रय कर लिए। उसके बाद उनका ठेका समाप्त हो गया। उन्होंने 50 में से 26 टिपर तो बेच दिए। जबकि 24 टिपर हैं जो अभी भी अम्बेडकर भवन के पीछे ही ख़ड़े हुए हैं।  लोकेश ने बताया कि उनके पास जगह नहीं है और निगम अधिकािरयों ने कोई आपत्ती नहीं की इस कारण से उनके टिपर वहीं खड़े हुए हैं।

अम्बेडकर भवन की जमीन पर निजी टिपर खड़े होने की जानकारी नहीं है। उसका पता करवाकर उन्हें हटवाया जाएगा।
-राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण

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