लाखाखेड़ी परमार गांव में आजादी के 75 साल बाद भी नहीं बनी सड़क

चारपाई पर मरीजों को ले जाना पड़ता है अस्पताल

लाखाखेड़ी परमार गांव में आजादी के 75 साल बाद भी नहीं बनी  सड़क

आने वाले चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार करने का फैसला ग्रामीणों ने ले रखा है।

चौमहला। क्षेत्र के लाखाखेड़ी परमार गांव में आजादी के 75 साल बाद भी डामर सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण पूर्व में मतदान का बहिष्कार कर चुके हैं। लेकिन अभी तक हालात नही सुधरे हैं। डग विधान सभा क्षेत्र के तहसील गंगधार के लाखाखेडी परमार गांव की मुख्य सड़क मार्ग गंगधार-बडौद मार्ग से 4 किमी अंदर है। मुख्य सड़क मार्ग से बर्डिया लाखा तक 2 किमी तक तो सड़क बनी हुई है परंतु बर्डियालाखा से लाखाखेड़ी तक सड़क नही है। 2013 में 80 लाख रु सड़क स्वीकृत हुई थी। जिसका बोर्ड भी पीडब्ल्यूडी ने गांव में लगा रखा है। लेकिन लाखाखेडी गांव में आज तक नहीं बनी। ग्रामीण श्याम सिंह, पुर सिंह, रण सिंह, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह, नारायण सिंह, कमल सिंह, प्रहलाद सिंह, कैलाश बाई सहित ग्रामीणों ने बताया कि देश की आजादी को 75 साल हो गए फिर भी हमारे गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी। कई बार भाजपा व कांग्रेस के विधायक आए। आश्वासन दिया और चले गए। परंतु आज भी हम परेशान हैं। 

बारिश में होती है परेशानी
गांव से बाहर निकलने के लिए कोई सड़क नहीं है। अस्पताल, तहसील, उपखंड कार्यालय, पंचायत समिति, बैंक, ग्राम पंचायत कहीं भी जाने के लिए हमें पगडंडी से होकर जाना पड़ता है। यहां तक कि बारिश के मौसम में हमें बड़ी परेशानी होती है। गांव में कोई डिलीवरी या कोई बीमार व्यक्ति होता है तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। जिससे बीमार को चारपाई पर डालकर गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। तब जाकर हमें सड़क मिलती है। गांव के एक तरफ छोटी काली सिंध नदी है तो दूसरी ओर कच्ची पगडंडी है।

विधायक को ज्ञापन सौंपा
गांव में सड़क बनवाने के लिए मंगलवार को गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक कालूराम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने जल्द से जल्द मिसिंग सड़क के माध्यम से या किसी भी प्रकार से गांव में डामर सड़क बनवाने का आग्रह किया। यदि विधानसभा चुनाव से पहले सड़क नहीं बनती है तो वह मतदान का बहिष्कार करेंगे तथा किसी भी राजनेता को गांव में नहीं आने देंगे।

पूर्व में भी कर चुके हैं मतदान का बहिष्कार
पंचायती राज चुनाव में भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था और कोई भी व्यक्ति मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करने नहीं गया। आने वाले चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार करने का फैसला ग्रामीणों ने ले रखा है। जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं के साथ ग्रामीण अड़े हुए हैं। 

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लाखाखेड़ी परमार गांव का मामला पहले से ही ध्यान में है। यहां सड़क बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा।
- मदनलाल वर्मा, पूर्व विधायक, डग
 
गांव तक कच्ची सड़क है। बरसात में रास्ता बंद हो जाता है। महिलाओं, स्कूली बच्चों व आमजन को काफी परेशानी होती है।
- श्याम सिंह, पूर्व उपसरपंच 

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लाखाखेड़ी परमार गांव में सड़क की बड़ी समस्या है। मैंने कई बार विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। लेकिन कांग्रेस सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। आज भी ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री व सचिव तक ज्ञापन पहुंचा कर जल्द से जल्द इस गांव में सड़क बनवाने की कोशिश करूंगा।
- कालूराम मेघवाल, विधायक, डग

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