अभिनेता राजकुमार अपहरण मामला: मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा, वीरप्पन गिरोह के सदस्य होने का था संदेह

मद्रास हाईकोर्ट ने बरकरार रखा बरी करने का फैसला

अभिनेता राजकुमार अपहरण मामला: मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा, वीरप्पन गिरोह के सदस्य होने का था संदेह

मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा कन्नड़ अभिनेता राजकुमार के 2000 में हुए अपहरण मामले में वीरप्पन गिरोह के नौ संदिग्ध सदस्यों को बरी करने के फैसले की पुष्टि। अदालत ने अभियोजन पक्ष की विसंगतियों और एफआईआर में देरी को माना आधार। दशकों पुराने विवादित मामले पर कानूनी मुहर।

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने 2018 के निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कुख्यात वन दस्यु वीरप्पन के गिरोह के नौ सदस्यों को बरी कर दिया गया था। अदालत ने 2019 में राज्य सरकार द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जो 2018 में नौ व्यक्तियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। इन व्यक्तियों पर वन दस्यु वीरप्पन के गिरोह का सदस्य होने का संदेह था।

इन्हीं लोगों पर आरोप था कि उन्होंने 30 जुलाई 2000 को कन्नड़ सिनेमा के महान अभिनेता राजकुमार और तीन अन्य लोगों का अपहरण किया था तथा उन्हें 108 दिनों तक बंधक बनाकर रखा, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया था।

ये आरोपी 2000 में कन्नड़ अभिनेता राजकुमार और तीन अन्य के अपहरण मामले में संदिग्ध थे। अभिनेता का 30 जुलाई 2000 को तमिलनाडु के इरोड जिले के थलवाड़ी तालुक स्थित गजानूर गांव में स्थित उनके फार्महाउस से अपहरण कर लिया गया था और 108 दिनों तक बंधक बनाए रखने के बाद रिहा किया गया था। 

उच्च न्यायालय द्वारा जिन नौ आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले की पुष्टि की गई है। उनके नाम एस. मारन उर्फ सेंगुट्टवन उर्फ मणिवन्नन उर्फ मुल्लैवलवन उर्फ कन्नैयन, एस. गोविंदराज उर्फ मेगननाथन उर्फ सभा उर्फ इनियन उर्फ परंजोथि उर्फ राजू, डी. एंड्रिल उर्फ एलुमलाई उर्फ परंजोथि, आर. सेल्वम उर्फ सत्य उर्फ राजू, के.अमृतलिंगम उर्फ लिंगम उर्फ चेलझियन, बसुवन्ना, आर. नागराज,  एस. पुट्टुसामी और एस. राम उर्फ कलमंडीपुरम राम हैं। कुल मिलाकर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर किया था लेकिन उनमें से एक सी. मल्लू, की सुनवाई पूरी होने से पहले ही मृत्यु हो गई। शेष आरोपियों को निचली अदालत ने हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने सहित अन्य आरोपों से बरी कर दिया था।

Read More उत्तर प्रदेश में 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी : पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान, सभी स्कूलों में एहतियातन बढ़ाई सुरक्षा

तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2019 में दायर अपील को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति पी. वेलमुरुगन और न्यायमूर्ति एम. जोतिरामन की खंडपीठ ने 25 सितंबर 2018 को गोबीचेट्टीपलायम स्थित तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा पारित बरी आदेश की पुष्टि की। उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्र न्यायालय के सुविचारित फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। न्यायालय ने उल्लेख किया कि अपहरण की प्राथमिकी (एफआईआर) घटना के लगभग 24 घंटे बाद दर्ज की गयी थी और वह भी एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (वीएओ) की शिकायत के आधार पर, जो प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। 

Read More देश में शिक्षा के नाम पर ‘लूट की दुकान’ : यूजीसी ने जारी की लिस्ट, 12 राज्यों में 32 यूनिवर्सिटी फर्जी

वीएओ ने बताया था कि उसे घटना की जानकारी आम जनता से मिली थी, जबकि अभियोजन पक्ष के अनुसार अभिनेता और अन्य लोगों का अपहरण कई लोगों की मौजूदगी में हुआ था। पीठ ने यह भी नोट किया कि प्राथमिकी में 30 जुलाई 2000 से संशोधित कर 31 जुलाई 2000 की गयी थी और आरोपियों द्वारा आपराधिक साजिश रचने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। वीएओ ने भी अपने बयान में किसी साजिश का जिक्र नहीं किया था। 

Read More भारत-US ट्रेड डील कब होगी लागू: पीयूष गोयल ने दिए संकेत, UK और ओमान FTA भी शुरू होने की उम्मीद

न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की कई विसंगतियां पाई थीं और इन्हीं आधार पर नौ आरोपियों को बरी किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। उल्लेखनीय है कि चंदन तस्करी के लिए कुख्यात वीरप्पन को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ऑपरेशन कुकून के तहत मुठभेड़ में मार गिराया था। 

Post Comment

Comment List

Latest News

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला बरकरार : महिला नक्सली ने डाले हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर; 8 लाख का ईनाम था घोषित छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला बरकरार : महिला नक्सली ने डाले हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर; 8 लाख का ईनाम था घोषित
महिला नक्सली मासे बारसा ने किया एके-47 के साथ आत्मसमर्पण। 8 लाख का था इनाम। पुनर्वास नीति और समाज के...
होली पर्व पर मदार-रोहतक-मदार स्पेशल रेलसेवा का संचालन, यात्रियों को होगी सुविधा 
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई NCERT को फटकार: विवादित पुस्तक पर लगाया प्रतिबंध, जानें क्या है पूरा मामला?
जेसीटीएसएल को मिलने वाली पीएम-ई इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू, पूरी तरह प्रदूषण रहित
उत्तराखंड में मुस्लिम फेरीवाले के साथ धार्मिक आधार पर अभद्रता : युवक ने दी क्षेत्र से जाने की धमकी, खुद को बताया हिंदूवादी संगठन का व्यक्ति
समितियों में विधायकों को सूचना नहीं देने का मुद्दा सदन में गूंजा, मंत्री ने दिया जवाब
जीवन भर के लिए एक-दूजे के हुए रश्मिका-विजय : शाही अंदाज में तेलुगू रस्मों से हुई शादी, दो अलग-अलग परंपराओं का संगम