अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, बोलें सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण फल उत्पादकों की आजीविका खतरे में
अखिलेश यादव का केंद्र पर वार: विदेशी कंपनियां ले जा रही किसानों का 'फल'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि गलत नीतियों से भारतीय फल उत्पादक संकट में हैं। उन्होंने भाजपा को बिचौलियों की पार्टी बताया।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से भारतीय फल उत्पादकों की आजीविका खतरे में पड़ गयी है। अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में किसानों की कड़ी मेहनत का फल विदेशी कंपनियों की जेब में जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को व्यापारियों और बिचौलियों की पार्टी बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार असल में उत्पादन और औद्योगिक विकास के बजाय कमीशन को प्राथमिकता देती है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणियां इस चिंता पर केंद्रित है कि अंतरराष्ट्रीय कारोबारी घरेलू फल उत्पादन और व्यापार क्षेत्रों पर तेजी से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने हाल के रुझानों और विज्ञापनों को भारतीय बागवानी उद्योग के लिए विनाश का पत्र बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के राज में खेती और बागवानी करने वालों को धोखा दिया जाएगा। अब फल का फल भी विदेशी कंपनियां ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कोई अचानक हुआ आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि सत्ताधारी पार्टी की सोच को दिखाता है।
इसके आगे उन्होंने कहा, असल में केंद्र सरकार की सोच व्यापारियों वाली है। वे न तो उत्पादन करना चाहते हैं और न ही विनिर्माण। ये ऐसे लोग नहीं हैं जो काम करके कमाते हैं, ये ऐसे लोग हैं जो बीच में से खाते हैं। सपा प्रमुख ने सरकार पर अर्थव्यवस्था को बिचौलियों का खेल का मैदान बनाने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि सरकार का ध्यान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई ) और कोर उद्योगों को सहयोग करने करने की बजाय सुविधा शुल्क और कमीशन इकटटा करने पर चला गया है।
अखिलेश यादव के अनुसार, यह बिचौलिया संस्कृति भारत में महंगाई और बेरोजगारी के दोहरे संकट का सीधा कारण है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों के दखल से आखिरी उपभोक्ता के लिए कीमतें कृत्रिम तरीके से बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन पर ध्यान की कमी का मतलब युवाओं के लिए कम नौकरियां होना है। उन्होंने कहा, जब देश में कोई काम ही नहीं होगा, तो लोगों को काम कहां से मिलेगा?
अखिलेश यादव ने कहा, यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब समाजवादी पार्टी अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संपर्क पहुंच कार्यक्रम को तेय कर रही है और केंद्र की कॉरपोरेट-समर्थक नीतियों के खिलाफ ग्रामीण और कृषि हितों के मुख्य रक्षक के रूप में काम कर रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि जब केंद्र सरकार जाएगी तभी खेती और बागवानी बच पाएगी।

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