कपिल मिश्रा का गंभीर आरोप, बोलें-आतिशी ने की गुरुओं के खिलाफ की बेअदबी, जानें पूरा मामला
सिख गुरुओं पर टिप्पणी को बताया पाप
मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी की सिख गुरुओं पर टिप्पणी को बेअदबी और पाप बताया, माफी की मांग की और विधानसभा गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
नई दिल्ली। दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सिख गुरुओं के लिए जो शब्द बोले गये वह बेअदबी, गुनाह और पाप हैं तथा उनका कोई औचित्य नहीं था। मिश्रा ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि छह जनवरी को दिल्ली विधानसभा में एक अभूतपूर्व और गंभीर पाप हुआ। गुरु तेग बहादुर जी, भाई सतीदास जी, भाई मतीदास जी और भाई दयाला जी की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने पर चल रही चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा बोले गए शब्द बेअदबी, गुनाह और पाप हैं तथा उनका कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद आतिशी मीडिया, जनता और विधानसभा से लगातार अनुपस्थित रहीं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा बार-बार बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने सदन में आकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर इस मामले को दबाने के लिए पंजाब सरकार के संसाधनों और पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और डराने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि आस्था और सदन की गरिमा से जुड़ा विषय बताया गया। इस मामले में पूर्व सीएम केजरीवाल को चाहिए था कि वह आतिशी से माफी मंगवाते। पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से दूर रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आतिशी को भागने या छुपने के बजाय मीडिया और जनता के सामने आना चाहिए। उन्हें विधानसभा की विशेषाधिकार समिति और कानूनी प्रक्रिया का सामना चाहिए।
कपिल मिश्रा ने कहा कि सात जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वीडियो का शब्दश: सदन में पढ़ा गया, जिस पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई। इसके बावजूद बाहर जाकर पंजाब पुलिस से झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उन्होंने पंजाब पुलिस को राजनीतिक कार्यों के बजाय राज्य की सुरक्षा में लगाने की अपील की गई।

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