बस हादसे में खोया पैर, अब नेहा एक पैर पर गरबा कर पेश कर रहीं मिसाल
करीब एक साल तक घर से बाहर निकलने में भी मुश्किल हुई
अहमदाबाद। जिंदगी में आने वाली मुश्किलें किसी के हौसले को तोड़ सकती हैं, लेकिन नेहा भट्ट ने विपरीत परिस्थितियों को अपनी ताकत बना लिया। 2021 में हुए बस हादसे में नेहा ने अपना बायां पैर गंवा दिया। हादसे में गंभीर चोटें आने के कारण डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा। इसके बावजूद नेहा ने हार नहीं मानी और खुद के बल पर जिंदगी को नई दिशा दी।
हादसे से पहले नेहा शिक्षिका के रूप में काम करती थीं। हादसे के बाद करीब एक साल तक उन्हें घर से बाहर निकलने में भी मुश्किल हुई। बाद में उन्होंने सहानुभूति के सहारे जीने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का फैसला किया। उन्होंने अहमदाबाद में ‘एम्प्यू टी’ नाम से चाय की दुकान शुरू की। यहां वे मुस्कुराते हुए लोगों को चाय परोसती हैं और अपने हौसले से दूसरों को प्रेरित करती हैं।
नेहा का सफर केवल आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने 22 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर केदारनाथ के दर्शन किए और गिरनार पर्वत पर चढ़ाई भी की। इतना ही नहीं, वे अकेले पूरे भारत की यात्रा कर चुकी हैं। आज नेहा एक पैर पर गरबा करके भी अपनी जीवटता का परिचय दे रही हैं।

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