राहुल गांधी, सीएम योगी सहित कई दिग्गजों ने दी "भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर" को 38वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, कहा सामाजिक न्याय के लिए उनका आजीवन संघर्ष, हमेशा हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा
जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि: नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नीतीश कुमार ने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। राहुल गांधी ने भी उन्हें सामाजिक न्याय का प्रबल समर्थक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सीएम योगी ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि शोषित-वंचितों के सशक्तीकरण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणास्पद रहेगी। जननायक कर्पूरी ठाकुर ने सामाजिक न्याय को व्यवहारिक धरातल पर उतारने का कार्य किया और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए आजीवन संघर्ष किया।
उधर, 17 फरवरी को उनकी 38वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बिहार की राजनीति में भी एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राजद ने पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।
जननायक कर्पूरी ठाकुर की राजनीतिक विरासत को लेकर बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी और श्रेय लेने की होड़ देखने को मिल रही है। सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रतीक माने जाने वाले कर्पूरी ठाकुर आज भी विभिन्न दलों के लिए प्रेरणा और राजनीतिक विमर्श का केंद्र बने हुए हैं।
लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी और उन्हें सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के पुरजोर समर्थक के रूप में याद किया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर, हम उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं। वंचितों और दबे-कुचले लोगों के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई, और सामाजिक न्याय के लिए उनका आजीवन संघर्ष, हमेशा हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
जन नायक के नाम से पहचाने गये ठाकुर एक प्रमुख समाजवादी नेता थे और उन्होंने दो बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें 1970 के दशक के अंत में राज्य में प्रगतिशील आरक्षण नीतियों को लागू करने का श्रेय दिया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी नौकरियों और शिक्षा में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व में सुधार करना था। उनके कार्यकाल और राजनीतिक विरासत का भारत में सामाजिक न्याय और सकारात्मक कार्रवाई के बारे में बातचीत पर गहरा असर पड़ा है।
सन् 1924 में जन्मे ठाकुर साधारण परिवार से आए थे और आजादी के आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे। दशकों से, वे अपनी सादी जीवनशैली और गरीबों, पिछड़े वर्गों और दूसरे हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए पक्के इरादे के लिए जाने जाते थे।

Comment List