नीट पेपर लीक मामला: दीपक बैज ने की विरोध प्रदर्शन में लाठीचार्ज की निंदा, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
एनएसयूआई प्रदर्शन पर लाठीचार्ज
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिलासपुर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की गुरुवार को निंदा करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि एनएसयूआई के नेता बुधवार शाम बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास के बाहर आंदोलन कर रहे थे।
दीपक बैज ने आज सुबह जारी बयान में कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ता सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास के घेराव के लिए निकले थे। पुलिस ने सांसद के आवास से पहले बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश किए जाने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की तथा विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। घटना के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता भी फट गया।
उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना में 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं छह से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं और उनका उपचार सिम्स अस्पताल में जारी है। पुलिस के अनुसार झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई ने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण घेराव कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया।" उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ है तथा कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, "आखिर इसका जिम्मेदार कौन है, क्या लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी आवाज उठाने का अधिकार नहीं है, क्या भाजपा सरकार में पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई भी नहीं लड़ी जा सकती।"
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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