भरत तिवारी की संदिग्ध मौत पर कांग्रेस ने की निंदा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पुलिसिया विरोधाभासों और निलंबन की कार्रवाई पर सवाल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कांग्रेस सोशल मीडिया के जिला संयोजक अंकुश सिंह ने कहा कि भरत तिवारी की मृत्यु से जुड़े घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मामले में लगातार विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हों, पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया हो और हर प्रश्न का उत्तर केवल "जांच जारी है" बताया जा रहा हो, उससे जनता के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। कांग्रेस की युवा यूथ इस दुखद घटना की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था तो बल प्रयोग क्यों किया गया? यदि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी तो संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित क्यों किया गया? और यदि किसी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी त्रुटि हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार न्यायालय को है, न कि किसी को बिना निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के जीवन से वंचित करने का। कानून का शासन तभी मजबूत होगा जब हर नागरिक को न्याय मिले और सत्ता में बैठे लोग भी जवाबदेह हों। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि मामले की न्यायिक अथवा स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।मृतक परिवार को न्याय और उचित सहायता प्रदान की जाए।दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।जनता जानना चाहती है कि आखिर भरत तिवारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। जब तक सच सामने नहीं आता, सवाल बाकी रहेंगे और न्याय की मांग जारी रहेगी।

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