योगा सेंटर्स और पार्कों से अब घरों तक पहुंचा योग, लेकिन नियमितता अब भी सबसे बड़ी चुनौती

जयपुर में जीवनशैली का हिस्सा बनता योग

योगा सेंटर्स और पार्कों से अब घरों तक पहुंचा योग, लेकिन नियमितता अब भी सबसे बड़ी चुनौती
जयपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद पार्कों में नियमित योग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिक मधुमेह और तनाव से लड़ने के लिए इसे अपना रहे हैं। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद युवाओं में योग स्टूडियो का क्रेज बढ़ा है, और बुजुर्गों के लिए थैरेपीयूटिक योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हर साल जयपुर की सुबह कुछ अलग नजर आती है। सेंट्रल पार्क से लेकर जवाहर सर्किल, रामनिवास बाग, मानसरोवर, वैशाली नगर और शहर की छोटी-बड़ी कॉलोनियों तक हजारों लोग एक साथ योग करते दिखाई देते हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या योग सिर्फ  21 जून का उत्सव बनकर रह गया है या वास्तव में शहर की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। हालांकि योग दिवस की शुरुआत के बाद से सुबह पार्कों में नियमित योग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक सक्रियता 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में देखने को मिल रही है। वरिष्ठ नागरिकों का मानना है कि नियमित योग और प्राणायाम ने उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों के दर्द और तनाव जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद की है। हालांकि युवाओं में अभी भी जिम और अन्य सप्लीमेंट्स से शरीर को स्वस्थ बनाने में रूचि ज्यादा दिखा रहे हैं। 

बढ़ते तनाव और प्रतिस्पर्धा के दौर में योग बना मददगार

आज युवाओं के साथ साथ हर आयु वर्ग के लोगों में कहीं कहीं ना कहीं तनाव और प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में योग इस तनाव को दूर करने में सहायक साबित हो रहा है। युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के बीच योग स्टूडियो और आॅनलाइन क्लासेज का चलन बढ़ा है। हालांकि व्यस्त दिनचर्या, कोचिंग संस्कृति और लंबे कार्य घंटे नियमित अभ्यास में बाधा बनते हैं।

योग सिर्फ आसन नहीं, कई गंभीर रोगों की दवा

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योग विशेषज्ञों का मानना है कि योग आसन जीवन जीने की कुंजी है। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के बीच योग उपचार के साथ-साथ रोकथाम का भी प्रभावी माध्यम बन सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि योग तनाव, मोटापा, पीठ दर्द, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में सहायक हो सकता है। हालांकि इसे चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी गंभीर या पुरानी बीमारी में चिकित्सकीय सलाह के साथ प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में अभ्यास करना अधिक सुरक्षित है।

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थैरेपीयूटिक योग भी तेजी से लोकप्रिय

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वर्तमान में थैरेपीयूटिक योग भी आमजन में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बुजुर्गों और विशेष स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए कुर्सी, बेल्ट, रस्सी और अन्य सहायक उपकरणों के माध्यम से सुरक्षित योग अभ्यास कराया जा रहा है। 

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