रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय सहयोग की नई पहल : तीनों देशों की ओर से रूसी राजनयिक पेशकश का अनुमोदन

तीनों देश ही नहीं, पूरा विश्व होगा लाभान्वित

रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय सहयोग की नई पहल : तीनों देशों की ओर से रूसी राजनयिक पेशकश का अनुमोदन
लंबे समय से रुके हुए रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय सहयोग को दोबारा शुरू करने की पहल हो रही है

नई दिल्ली। लंबे समय से रुके हुए रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय सहयोग को दोबारा शुरू करने की पहल हो रही है। यह पहल यद्यपि रूस कर रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार भारत भी इसका समर्थन कर रहा है। रूस की इस पहल का चीन ने भी समर्थन किया है। चीन ने कहा कि यह त्रिपक्षीय सहयोग न केवल तीनों देशों के हित में है। बल्कि क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी आवश्यक है है।

रूसी मीडिया ने रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको के हवाले से कहा कि मॉस्को आरआईसी प्रारूप की बहाली की उम्मीद करता है। हम मुद्दे पर बीजिंग और नई दिल्ली के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय दोनों के साथ हमारी बातचीत में शामिल है। हम इस प्रारूप को सफल बनाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि ब्रिक्स के संस्थापकों के अलावा ये तीनों देश महत्वपूर्ण साझेदार हैं। 

भारत-चीन के संवेदनशील रिश्तों के बावजूद लक्ष्य नामुमकिन नहीं: रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि हम भारत और चीन के संवेदनशील सम्बंधों और सीमा विवाद को जानते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके कई व्यापक हित भी हैं, जो पारस्परिक सहयोग से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। आज दोनों का राजनीतिक नेतृत्व अनुभवी, परिपक्व और साहसी है और वह अपने राष्ट्रीय एवं वैश्विक हित में नई कूटनीतिक पहल कर सकता है।  उन्होंने कहा कि मेरी राय में इस सहयोगी प्रारूप का अभाव अनुचित लगता है। हम उम्मीद करते हैं कि देश आरआईसी के ढांचे के भीतर काम फिर से शुरू करने पर सहमत होंगे। बेशक जब तीनों देशों के संबंध उस स्तर पर पहुंच जाएंगे जो उन्हें त्रिपक्षीय सहयोग में काम करने की अनुमति देता है।

तीनों देश ही नहीं, पूरा विश्व होगा लाभान्वित
इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को कहा कि चीन-रूस-भारत सहयोग न केवल तीनों देशों के संबंधित हितों की पूर्ति करता है, बल्कि क्षेत्र और विश्व में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और प्रगति को बनाए रखने में भी मदद करता है। चीन त्रिपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने के लिए तैयार है। आरआईसी को लेकर रूस और चीन की रुचि हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर की एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन यात्रा के बाद बढ़ी है। इस दौरान जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव सहित शीर्ष चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत की थी। लावरोव ने पिछले साल कहा था कि आरआईसी प्रारूप में संयुक्त कार्य पहले कोरोना वायरस के कारण और बाद में 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सैन्य गतिरोध के कारण रुक गया था। 

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