महावीर जयंती: प्रधानमंत्री मोदी ने दी देशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं, बोले-भगवान महावीर के महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे

पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, सत्य और अहिंसा का दिया संदेश

महावीर जयंती: प्रधानमंत्री मोदी ने दी देशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं, बोले-भगवान महावीर के महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महावीर जयंती के पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं—सत्य, अहिंसा और करुणा—को मानवता का पथ-प्रदर्शक बताया। पीएम ने जोर दिया कि समानता और दया पर आधारित उनके आदर्श आज की वैश्विक चुनौतियों से निपटने और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पवित्र अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि सत्य, सद्भाव, सद्व्यवहार और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेशों में अद्भुत प्रेरणा है और उनके महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। ‎पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, "भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पवित्र अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को निरंतर प्रकाशित करती रहेंगी।"

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि महावीर के सिद्धांत न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने वाले हैं, बल्कि आज के ज़माने की चुनौतियों से निपटने में भी उनका गहरा महत्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भगवान महावीर के आदर्श आध्यात्मिक रूप से उत्थान करने वाले हैं और आज की दुनिया में भी उनका गहरा महत्व है और साथ ही यह भी कहा कि समानता और दया पर दिया गया ज़ोर हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।

उन्होंने लिखा, "समानता और दया पर उनका ज़ोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है।" ‎गौरतलब है कि, महावीर जयंती, जैन समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जन्म वर्षगांठ के रूप में मनाई जाती है। इस दिन पूरे देश में भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाले इस अवसर पर आमतौर पर प्रार्थनाएं, शोभायात्राएं, दान-पुण्य के कार्य और महावीर की शिक्षाओं पर चिंतन शामिल होता है।‎

भगवान महावीर का जन्म 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व हुआ था, उनको जैन दर्शन को आकार देने वाली एक प्रमुख हस्ती माना जाता है। उनकी शिक्षाएं 'अहिंसा','अपरिग्रह' और 'अनेकांतवाद' पर केंद्रित थीं-ये ऐसे सिद्धांत हैं जो दुनिया भर में नैतिक और आध्यात्मिक विचारों को आज भी प्रभावित करते हैं।

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