राहुल गांधी ने विजय से की मुलाकात : मौजूदा राजनीतिक हालात पर की चर्चा, चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का विशाल प्रदर्शन करने का लिया संकल्प
विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले मुलाकात
चेन्नई। सत्तारूढ़ तमिझगा वेत्री कषगम (टीवीके) को औपचारिक रूप से इंडिया गठबंधन में शामिल करने के कुछ दिनों बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोपहर के भोजन पर मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। यह मुलाकात एसआईआर विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 15 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले हुई है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई। गांधी अपने एक दिवसीय दौरे पर छात्रों और 'जेन-जी' से नीट और रोजगार जैसे मुद्दों पर संवाद करेंगे। उनकी यह यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि एक दिन पहले ही टीवीके ने उपचुनाव में दोहरी जीत हासिल की है।
यह बैठक कांग्रेस में उठती उन आवाजों के बीच हुई, जिसमें 2029 के लोकसभा चुनावों में गांधी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग की जा रही है, जबकि टीवीके का एक वर्ग विजय को संभावित चेहरे के रूप में पेश कर रहा है। इससे कांग्रेस नेताओं में असंतोष पैदा हुआ था, जिनका आग्रह था कि टीवीके को राहुल को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने के लिए अपना पूरा समर्थन देने का संकल्प लेना चाहिए, हालांकि उन्हें विश्वास है कि वह ऐसा अवश्य करेगी। विजय के ईसीआर स्थित आवास पर हुई इस आमने-सामने की बैठक के दौरान, माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने नवगठित 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री एलायंस' (एसजेवीए) के विस्तार पर चर्चा की। इस गठबंधन में कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल (जो टीवीके सरकार का भी हिस्सा हैं) और वाइको के नेतृत्व वाली एमडीएमके शामिल हैं। इस मोर्चे के औपचारिक गठन के बाद दोनों शीर्ष नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
कांग्रेस टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का घटक दल है, इसलिए बातचीत में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। चुनाव के बाद के पुनर्गठन के बाद, जब कांग्रेस द्रमुक मोर्चे से बाहर हो गई और टीवीके के साथ गठबंधन कर लिया, तब से गांधी ने दो बार तमिलनाडु का दौरा किया है। इसमें विजय के शपथ ग्रहण समारोह और मामल्लापुरम में कांग्रेस जिला नेताओं की प्रशिक्षण बैठक शामिल है। यह उनका शहर का तीसरा दौरा है और विजय के साथ दूसरी प्रत्यक्ष मुलाकात है। अप्रैल विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने द्रमुक का साथ छोड़कर टीवीके से हाथ मिला लिया था, जिसके बाद द्रमुक अलग हो गई थी। इसके बाद, तीन अक्टूबर को टीवीके को औपचारिक रूप से इंडिया ब्लॉक में शामिल कर लिया गया।
तीन अक्टूबर की बैठक में 'वोट चोरी' विवाद को लेकर भाजपा नीत सरकार की निंदा करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ' आंदोलन के तहत 15 अक्टूबर को चेन्नई में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित करने का संकल्प लिया गया। तमिलनाडु में इंडिया ब्लॉक की बैठक में पहली बार टीवीके की उपस्थिति ने इसमें उसके औपचारिक प्रवेश का संकेत दिया। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने के अलावा 13 करोड़ लोगों के मताधिकार को छीनने के लिए चुनाव आयोग का एक उपकरण के रूप में उपयोग करने के लिए केंद्र सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। बैठक में कुल पांच प्रस्ताव अपनाए गए, जिनमें 15 अक्टूबर के मुख्य आंदोलन की प्रस्तावना के रूप में 13 और 14 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में लोकतंत्र बचाओ प्रदर्शन आयोजित करना शामिल है।
इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एसआईआर विवाद को जनता के बीच ले जाने के लिए इस आंदोलन में भाग लेंगे, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। मणिकम टैगोर ने टीवीके की भागीदारी की पुष्टि करते हुए कहा, तमिलनाडु में इंडिया ब्लॉक के सभी दलों के नेता 15 अक्टूबर के आंदोलन में भाग लेंगे। गौरतलब है कि टीवीके को एसआईआर पर अपना रुख स्पष्ट रूप से उजागर न करने के लिए मुख्य विपक्षी दल द्रमुक की आलोचना का सामना करना पड़ा है। बैठक में टीवीके का इंडिया गठबंधन में स्वागत करते हुए एक प्रस्ताव अपनाया गया, जिसमें इंडिया गठबंधन के साथ तालमेल बिठाकर काम करने के इस अच्छे राजनीतिक निर्णय के लिए टीवीके संस्थापक एवं मुख्यमंत्री विजय की सराहना की गई।

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