जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा: उमर अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव किया पेश, बोले- सरकार किसी अधूरे इंतजाम से समझौता नहीं करेगी

26 जून 2000 को पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का जिक्र

जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा: उमर अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव किया पेश, बोले- सरकार किसी अधूरे इंतजाम से समझौता नहीं करेगी
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से तुरंत पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव का उल्लेख होने पर भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध जताया, वेल में आकर नारेबाजी की और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़ दीं।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में केंद्र शासित प्रदेश को तुरंत पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव का ज़िक्र होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने विरोध जताया। प्रश्नकाल के बाद पेश किए गए इस प्रस्ताव में केन्द्र सरकार से जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई और कहा गया कि सदन की यह मांग पहले पारित प्रस्तावों के क्रम में ही है।

प्रस्ताव में कहा गया, "इस सदन द्वारा 26 जून 2000 और छह नवंबर 2024 को पारित प्रस्तावों के अलावा, सदन केन्द्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करता है और यह संकल्प लेता है कि इस प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजा जाए।" प्रस्ताव पेश करते हुए उमर ने कहा कि मांग "पूर्ण राज्य के दर्जे" की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी सरकार किसी अधूरे इंतजाम से समझौता नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें आधा या चौथाई राज्य का दर्जा नहीं, बल्कि पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए।"

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के दौरान 26 जून 2000 को पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का जिक्र आते ही भारतीय जनता पार्टी सदस्यों ने तुरंत आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि सदन को स्वायत्तता का मुद्दा दोबारा नहीं उठाना चाहिए। विरोध तेजी से बढ़ा और भाजपा विधायक सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ सदस्य सीटों पर चढ़ गए और प्रस्ताव की प्रतियों को फाड़ दिया, जिससे विधानसभा में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया। वर्ष 2000 के प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के लिए ज़्यादा स्वायत्तता बहाल करने की मांग की गई थी, जबकि छह नवंबर 2024 को सदन द्वारा पारित प्रस्ताव में पूर्व राज्य का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग की गई थी।

Post Comment

Comment List

Latest News

भाजपा की सेवा संकल्प सभा, पंचायत चुनाव का बिगुल फूंका : नितिन नबीन बोले- चुनाव को सत्ता की चाबी नहीं, सेवा का माध्यम मानते हैं भाजपा की सेवा संकल्प सभा, पंचायत चुनाव का बिगुल फूंका : नितिन नबीन बोले- चुनाव को सत्ता की चाबी नहीं, सेवा का माध्यम मानते हैं
वाटिका के दादिया में भाजपा की सेवा संकल्प सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायत...
महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल में हो दोबारा चुनाव : रोहित पवार ने की मांग, बोले- 100 प्रतिशत हुआ विश्वासघात
बोलकर नहीं, करके दिखाएंगे... कोटा को भी इंदौर की तरह बनाएंगे स्वच्छ और सुंदर
जोधपुर महापौर चुनाव : भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता बने मेयर, कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 6 मतों से हराया
‘मिशन जागृति’ अभियान : जयपुर दक्षिण पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 16 जगह दबिश, 18 तस्कर गिरफ्तार
युवाओं ने बीजेपी को नकारा, खेड़ा बोले- भाजपा-आरएसएस युवा वोटरों को मतदाता सूची से बाहर रखने की कर रही साजिश
युवा की आवाज : सफाई तो ठीक है साहब...अब स्टूडेन्ट की भी सुनिए!