शादी सीजन- 2025 में देशभर में 46 लाख शादियों से 6.5 लाख करोड़ का व्यापार, राजस्थान में लक्जरी व डेस्टिनेशन वेडिंग्स का बोलबाला

वोकल फॉर लोकल से बाजार भागीदारी में राजस्थानी कारीगरों व उत्पादों का दबदबा

शादी सीजन- 2025 में देशभर में 46 लाख शादियों से 6.5 लाख करोड़ का व्यापार, राजस्थान में लक्जरी व डेस्टिनेशन वेडिंग्स का बोलबाला
कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) के अध्ययन के अनुसार, 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे 6.50 लाख करोड़ रुपए का व्यापार होगा। राजस्थान में 3.5 लाख और दिल्ली में 4.8 लाख शादियां होंगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय कारीगरों व उत्पादों की मांग में 25-30% वृद्धि दर्ज हुई है।

नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की अनुसंधान शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी (सीआरटीडीएस) ने अनुमान लगाया है कि आगामी शादी सीजन एक नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के दौरान देशभर में लगभग 46 लाख शादियां होंगी, जिनसे कुल 6.50 लाख करोड़ का व्यापार होगा।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि यह अध्ययन 15 से 25 अक्टूबर 2025 के बीच देश के 75 प्रमुख शहरों में किया गया। इसमें राजस्थान की बाजार भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है, जहां लक्जरी और डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के अनुरूप, राजस्थानी हस्तकला, परंपरागत आभूषण, बंदेज साड़ियां और लोकल कारीगरों की सेवाएं शादी बाजार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

कैट अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष :

  • कुल शादियां 46 लाख
  • अनुमानित व्यापार 6.50 लाख करोड़
  • राजस्थान में शादियां 3.5 लाख
  • दिल्ली में शादियां 4.8 लाख
  • दिल्ली का योगदान 1.8 लाख करोड़

इस वर्ष शादियों की संख्या पिछले वर्ष के करीब है, लेकिन प्रति शादी खर्च में वृद्धि हुई है। बढ़ती आय, कीमती धातुओं की कीमतें और उपभोक्ता विश्वास के कारण। राजस्थान में यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जहां डेस्टिनेशन वेडिंग्स उदयपुर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पंचतारा रिसॉर्ट्स व पैलेस वेन्यूज पर केंद्रित हैं। अध्ययन में पाया गया कि 70% से अधिक शादी सामान भारतीय निर्मित हैं।

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राजस्थान में ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान :

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राजस्थान में बाजार भागीदारी को प्रमुखता देते हुए कैट राजस्थान के चेयरमैन सुरेश पाटोदिया ने बताया कि स्थानीय कारीगरों को बंदेज, लहरिया, गोटा-पत्ती कार्य, मीनाकारी आभूषण और हस्तनिर्मित सजावट सामग्री के लिए भारी ऑर्डर मिल रहे हैं। ‘वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स’ अभियान ने चीनी आयातों को कम कर राजस्थानी उत्पादों को बढ़ावा दिया है, जिससे जयपुर के ज्वैलर्स, उदयपुर के डेकोरेटर्स और जोधपुर के वस्त्र उत्पादकों की बाजार हिस्सेदारी में 25-30% की वृद्धि दर्ज की गई है।

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राजस्थान में करीब 40 हजार शादियां होगी :

देवउठनी एकादशी एक और दो नवम्बर को राज्य में 35 से 40 हजार शादियां हो सकती है। शहर के बजाय गांवों में अधिक शादियां होगी। सभी मैरिज गार्डन बुक है। 14 दिसम्बर के बाद मलमास शुरू होगा। 
-रास बिहारी शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान टैंट डीलर किराया व्यवसायी समिति, जयपुर

उत्पाद और सेवाओं के खर्च का प्रतिशत :

  • वस्त्र एवं साड़ियां 10%
  • आभूषण 15% 
  • इलेक्ट्रॉनिक्स 5% 
  • सूखे मेवे व मिठाई 5%
  • किराना 5% गिफ्ट 4%
  • अन्य सामान 6% हिस्सा लेंगे।
  • सेवाओं में इवेंट मैनेजमेंट 5% 
  • कैटरिंग 10% फोटोग्राफी 2%
  • यात्रा 3% 
  • पुष्प सजावट 4% 
  • म्यूजिकल ग्रुप्स 3% 
  • लाइट एंड साउंड 3% 
  • एडवाइज 3% योगदान देंगी।
  • मेनेजमेंट 3% योगदान देंगी। 

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