आवाज नहीं, बल्ले की गूंज से लिखी कामयाबी : राष्ट्रीय डेफ क्रिकेट में उपविजेता रही राजस्थान की टीम
टीम को एक लाख रुपए का पुरस्कार राशि मिला
जयपुर। जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो उनके बीच न तो तालियों की आवाज गूंजती है और न ही साथी खिलाड़ियों की आवाज सुनाई देती है । क्योंकि ये बोल और सुन नहीं सकते, लेकिन अपने बल्ले की गरज और गेंदबाजी के कमाल से उन्होंने राजस्थान के लिए कामयाबी की कहानी लिख दी। गुजरात के सूरत में आयोजित 10वीं राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप फॉर डेफ में राजस्थान की टीम ने इसी जज्बे की बदौलत उपविजेता बनने का गौरव हासिल किया। टीम को एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी मिली। देशभर की मजबूत टीमों के बीच इन खिलाड़ियों का सफर आसान नहीं था । लेकिन मैदान पर इशारों से आपसी तालमेल और रणनीति बनाते हुए उन्होंने फाइनल तक जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में राजस्थान को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा ।
फाइनल तक का सफर : पूर्व रणजी कप्तान रोहित झालानी के प्रशिक्षण में उतरी राजस्थान की टीम ने फाइनल तक के अपने सफर में गुजरात को 55 रन, छत्तीसगढ़ को 119 रन और आंध्र प्रदेश को 24 रन से हराया। वहीं हरियाणा को सात विकेट, मुंबई को पांच विकेट और विदर्भ को आठ विकेट से शिकस्त दी। केरल के खिलाफ भी टीम ने 79 रन की बड़ी जीत दर्ज की। विदर्भ के खिलाफ तो राजस्थान ने 78 रन का लक्ष्य महज 9.3 ओवर में हासिल कर अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाई।
सोनू और अंकित का ऑलराउण्ड प्रदर्शन : राजस्थान की इस सफलता में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन की भी अहम भूमिका रही। सोनू शर्मा ने 239 रन बनाए। अंकित जांगिड़ ने बल्ले से 236 रन जुटाए और गेंदबाजी में 15 विकेट हासिल किए। वहीं संजू शर्मा राजस्थान के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 19 विकेट झटके। सुनील शर्मा ने भी 12 विकेट लेकर टीम की कामयाबी में योगदान दिया।

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