अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी विदेश जाने की अनुमति, आंखों का कराएंगे ईलाज

बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा फैसला

अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी विदेश जाने की अनुमति, आंखों का कराएंगे ईलाज
तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्भर करने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बनर्जी ने तत्काल राहत मांगी है। सुप्रीम कोर्ट 3 अगस्त को सुनवाई कर सकता है। हाईकोर्ट ने एसएसकेएम अस्पताल को उनकी जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था।

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर  सांसद अभिषेक बनर्जी ने  कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें उनकी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्भर कर दिया था। इस मामले पर 3 अगस्त को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। इससे पहले बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था और आंखों की पुरानी बीमारी के जरूरी इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई के दौरान एसएसकेएम अस्पताल को बनर्जी की हालत की जांच के लिए तुरंत एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि उनके विदेश दौरे पर आखिरी फैसला बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

बनर्जी ने उस निर्देश पर आपत्ति दर्ज करते हुए अब शीर्ष अदालत में इस आदेश को चुनौती दी है और तुरंत हस्तश्रेप देने की मांग की है। अपनी याचिका में बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सभी जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि डीजे मामले में अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने अपना आवाज का नमूना भी  दिया था। इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत नहीं दी गई है  और आखिरकार  उन्हें उच्चतम न्यायालय से राहत मांगनी पड़ी है। सूत्रों के अनुसार बनर्जी अपनी आंखों के इलाज की जरूरत का हवाला देते हुए कुछ समय से विदेश जाने की इजाजत मांग रहे हैं। आंखों की पुरानी चोट की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें समय-समय पर जांच और इलाज के लिए विदेश जाने की सलाह दी है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हालांकि, शुरुआती कार्यवाही के दौरान  विदेश में इलाज की जरूरत पर सवाल उठाया और कहा कि कोलकाता में कई ऐसी आधुनिक मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं जो आंखों के इलाज के लिए विशेष सेवाएं दे सकती हैं। अदालत ने इस बात का स्पष्टीकरण मांगा है कि ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद देश के बाहर इलाज कराना क्यों जरूरी है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के मेडिकल इलाज को लेकर कोई जटिलता उत्पन्न नहीं होनी चाहिए और इस मामले पर मेडिकल जरूरतों और कानूनी पहलुओं के बीच संतुलन बनाकर फ़ैसला लिया जाएगा।

अब उच्चतम न्यायालय 3 अगस्त को यह तय करेगा कि बनर्जी को इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत दी जाए या उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा जाए, जिसके तहत कोई भी मंजूरी देने से पहले एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड से जांच करवाना जरूरी है।

Read More अखिलेश की बयानबाजी पर मायावती का पलटवार, बोलीं- अहंकारी और अलोकतांत्रिक रवैये पर मांगें माफी 

Tags: banerjee

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

मेलोडे होटल में ऑनलाइन जुआ-सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, तीन आरोपी पकड़े मेलोडे होटल में ऑनलाइन जुआ-सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, तीन आरोपी पकड़े
वैशाली नगर स्थित मेलोडे होटल के कमरा नंबर 204 में पुलिस ने दबिश देकर दो युवकों और एक युवती को...
जातिगत जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया जनता के साथ धोखा, बिहार-तेलंगाना मॉडल लागू करने की मांग: जयराम रमेश
राजस्थान में सड़क सुरक्षा पर खर्च बढ़ा: हादसों में कमी नहीं, सड़क सुरक्षा पर लगातार बढ़ा फोकस; लेकिन दुर्घटनाओं का आंकड़े चिंताजनक
विद्याधरनगर में चाकूबाजी के बाद युवक की मौत, आरोपी की तलाश तेज
108 देशों की छात्राओं का अंतरिक्ष मिशन तैयार, ‘माल्य’ थर्मल कैमरा अंतरिक्ष से धरती के तापमान पर रखेगा नजर लगातार
म्यांमार में रोहिंग्या पर अत्याचार जारी, यूएन रिपोर्ट में अराकान आर्मी और सेना पर गंभीर आरोप
खड़गे-राहुल ने पीएम को लिखा संयुक्त पत्र: जाति जनगणना की प्रक्रिया पर जताई चिंता, प्रमाणित जाति सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग