विकास के दावों के बीच खतरे में 'जिंदगी': नयापुरा की बड़ी चंबल पुलिया पर डामर उखड़ा और सरिए निकले

बारिश ने खोली सड़क की गुणवत्ता की पोल, केडीए बोला- 15 सितंबर के बाद होगा बड़े स्तर पर पेचवर्क

विकास के दावों के बीच खतरे में 'जिंदगी': नयापुरा की बड़ी चंबल पुलिया पर डामर उखड़ा और सरिए निकले
आधा फीट तक गहरे गड्ढों से वाहन चालक परेशान, बूंदी से नयापुरा आने वाले हिस्से की हालत सबसे खराब

कोटा । शिक्षा की छोटी काशी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रही कोटा नगरी के मुख्य प्रवेश नयापुरा के चंबल नदी पर बने पुल की बदहाल स्थिति हो रही है। एक ही बरसात में सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं कि वाहनों को निकालने में जान का खतरा बना हुआ है ।करीब 7000 करोड़ रुपए से शहर में विकास कार्य से शहर की सूरत बदलने का दावा करने कि यह तस्वीर हकीकत बयां कर रही है । कोटा से जयपुर और जयपुर से कोटा के बीच हाईवे की पुलिया होने के बावजूद इस पर करीब आधा फीट के गहरे गड्ढे हो रहे हैं ऊपर का पूरा डामर उखड़ा हुआ है और करीब आधा फीट गहराई तक गड्ढे होने से सरिए तक निकल आए हैं उन गड्ढों से चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों तक निकल रहे हैं ऐसे में उनका संतुलन बिगड़कर जान का खतरा बना हुआ है , विशेष रूप से बूंदी की तरफ से नयापुरा आने वाली पुलिया की हालत काफी खराब हो रही है । 

महाराणा प्रताप सर्कल से नयापुरा विवेकानंद सर्किल तक आने वाले इस चंबल पुल से निकलना मतलब जान जोखिम में डालना है । वाहन चालकों का कहना है कि इस तरह की स्थिति कोटा शहर में प्रवेश मार्ग पर ही है तो शहर की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है गौरतलब है कि कोटा में इस बार पूरा सावन का महीना बीतने के बावजूद भी तेज बरसात नहीं हुई लेकिन एक दिन पहले सोमवार देर शाम और मंगलवार सुबह से दोपहर तक हुई बारिश में सड़क की यह हालत है तो यदि तेज बरसात होती तो क्या स्थिति होती । इतना ही नहीं यह तो एक बानगी भर है शहर के अन्य मुख्य मार्ग चाहे बैराज का समानांतर पुल हो या एरोड्रम का टावर ऑफ़ लिबर्टी का मुख्य मार्ग जो की झालावाड़ हाईवे है उस तक पर बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं ऐसे में वाहनों का यहां से निकलना मतलब जान को खतरा में डालना है ।

लोगों का कहना है कि कोटा शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं लेकिन आम आदमी के चलने के लिए जो सड़क है वह ठीक नहीं है ऐसे में जब जान ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो विकास कार्य किस काम का । वहीं कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बरसात से खराब हुई सड़कों को पेचवर्क करने का काम किया जा रहा है हालांकि बड़े लेवल का काम बरसात थमने के बाद 15 सितंबर के बाद ही किया जाएगा

 

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