बीएलओ आत्महत्या : अखिलेश यादव ने सरकार को लिया आड़े हाथों, बोलें-एक करोड़ मुआवजा दे नहीं तो...,जानें पूरा मामला

बीएलओ आत्महत्या पर अखिलेश का हमला

बीएलओ आत्महत्या : अखिलेश यादव ने सरकार को लिया आड़े हाथों, बोलें-एक करोड़ मुआवजा दे नहीं तो...,जानें पूरा मामला

अखिलेश यादव ने बीएलओ की आत्महत्या पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अत्यधिक दबाव और अव्यावहारिक एसआईआर लक्ष्य अमानवीय हैं। उन्होंने मृतक परिजनों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की मांग की और सपा द्वारा 2 लाख की सहायता की घोषणा की। सपा ने बीएलओ के समर्थन का आश्वासन दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर के बीच बीएलओ द्वारा आत्महत्या किये जाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव ने कहा है कि, भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में इस भ्रम में है कि, काम के दबाव में किसी की मृत्यु होने पर न तो वे अपनी व्यवस्था सुधारेंगे, न ही कोई मुआवजा देंगे। चुनाव आयोग से अपील है कि, मृतक आश्रितों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। समाजवादी पार्टी मृतक आश्रितों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

गुरुवार को पार्टी की तरफ से जारी बयान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि, बीएलओ भाई-बहनों पर एसआईआर का अव्यावहारिक एवं असंभव लक्ष्य थोपकर जो अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, वह अत्यंत निंदनीय और घोर आपत्तिजनक है। भाजपा राज में कर्मचारियों को प्रताडऩा, दबाव और अशांति के अलावा कुछ नहीं मिला है। अखिलेश यादव ने कहा कि, भाजपा ने नई नौकरियां नहीं दीं और जो मौजूदा व्यवस्थाएं हैं, उन्हें इतना कठिन बना दिया है कि, लोग हताश होकर नौकरी छोडऩे को मजबूर हो गए है। बीएलओ से मशीन की तरह काम करने की उम्मीद रखना अमानवीय है। यह सब भाजपा अपने चुनावी महाघोटाले के लिए कर रही है। जो बीएलओ हताश होकर नौकरी छोड़ रहे हैं या जो अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं, वे आखिर इस सियासी घपले का ''खामियाजा क्यों भुगतें'' देशभर के कर्मचारियों को इसके विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

इसके आगे उन्होंने कहा कि, समाजवादी पार्टी हर बीएलओ के साथ खड़ी है। हम सभी बीएलओ से अपील करते हैं कि किसी भी प्रकार का कदम उठाने से पहले अपने परिवार का अवश्य ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि बीएलओ को किसी भी त्रुटि के लिए दोषी ठहराना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है। भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की नाकामी का परिणाम बीएलओ झेल रहे हैं। मतदाता सूची से जुड़े एसआईआर जैसी जटिल प्रक्रिया में लोगों को फंसाना मतदाता और कर्मचारी दोनों का अपमान है। भाजपा वोट अधिकार कमजोर करना चाहती है और उत्तर प्रदेश में करोड़ों वोट काटे जाने की आशंका बढ़ रही है। पीडीए से घबराई भाजपा सरकार तरह-तरह की साजिशें कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि, भाजपा शासन का यह दुखद और कठोर दौर अवश्य समाप्त होगा। अन्याय और अत्याचार का अंत निश्चित है। लोगों को डराते-डराते भाजपा खुद डर गई है। जनता में भारी आक्रोश है और भाजपा अपने अंतकाल की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी से चुनाव हो जाएं तो भाजपाइयों के घरवाले तक भाजपा को वोट न दें। भाजपा जाएगी तो शांति आएगी। भाजपा के चुनावी भ्रष्टाचार ने बीएलओ को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है। समाजवादी पार्टी हर बीएलओ के दुख-दर्द में साथ है।

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