बंगाल एसआईआर : 10वीं का प्रवेश-पत्र वैध दस्तावेज, सुर्पीम कोर्ट ने कहा- परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण भी जरूरी
पहचान सत्यापन के लिए माध्यमिक प्रवेश पत्र के इस्तेमाल की इजाज
बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 10वीं कक्षा का प्रवेश पत्र पहचान के लिए केवल पूरक दस्तावेज माना जाएगा। यह तभी मान्य होगा, जब अभ्यर्थी ने परीक्षा उत्तीर्ण की हो और प्रमाण पत्र साथ हो। अदालत ने कहा, प्रवेश पत्र अकेले पहचान का आधार नहीं बन सकता।
नई दिल्ली। सुर्पीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दसवीं कक्षा या माध्यमिक की परीक्षा का प्रवेश पत्र पहचान सत्यापन के लिए पूरक दस्तावेज के तौर पर दिखाया जा सकता है, लेकिन सिर्फ तभी जब उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण की हो। शीर्ष अदालत ने पहले के एक आदेश में आधार समेत दूसरे दस्तावेजों के साथ पहचान सत्यापन के लिए माध्यमिक प्रवेश पत्र के इस्तेमाल की इजाज दी थी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसने पहले ही इशारा कर दिया है कि प्रवेश पत्र सिर्फ एक पूरक दस्तावेज होगा, न कि धारक की पहचान सत्यापन का अकेला तरीका।
वरिष्ठ अधिवक्ता डी एस नायडू ने एसआईआर के लिए माध्यमिक प्रवेश पत्र को दस्तावेज के तौर पर इजाजत दिये जाने पर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने साफ किया कि अगर एसआईआर के दौरान 10वीं कक्षा के प्रवेश पत्र को पूरक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जाना है, तो उनके साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए।

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