राहुल गांधी को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तकरार : कांग्रेस का बहिर्गमन, खड़गे ने कहा- विपक्ष की आवाज दबाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही सरकार
लोकसभा की चर्चा को लेकर राज्यसभा में मुद्दा नहीं उठाया जा सकता
खड़गे को सुझाव दिया कि वह बहुत अनुभवी और वरिष्ठ हैं तथा उन्हें कांग्रेस को राहुल गांधी का बंधक नहीं बनने देना चाहिए।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं देने का मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोक झोक हुई, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया। सदन में विधायी दस्तावेज रखे जाने के बाद सभापति ने मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने का अवसर दिया। खड़गे ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि लोकसभा की चर्चा को लेकर राज्यसभा में मुद्दा नहीं उठाया जा सकता।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए खड़गे को सुझाव दिया कि वह बहुत अनुभवी और वरिष्ठ हैं तथा उन्हें कांग्रेस को राहुल गांधी का बंधक नहीं बनने देना चाहिए। खड़गे और अन्य सदस्यों से कहा कि वे लोकसभा के मुद्दों को इस सदन में नहीं उठा सकते। यह संसद की परंपरा के खिलाफ है। खड़गे ने कहा कि संसद दोनों सदनों को मिलाकर बनती है और यदि लोकसभा में नेता विपक्ष देश हित की कोई बात उठाना चाहते है, तो उन्हें इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा में 3 दिन से बहुत अच्छी चर्चा चल रही थी। अचानक कांग्रेस को पता नहीं क्या सूझा, जो वह अब इस सदन में लोकसभा के मुद्दे उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह सदन प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब को सुनने के लिए उत्सुक है, लेकिन कांग्रेस किसी ओर एजेन्डा के तहत सदन का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने कहा कि संसद दोनों सदनों से चलती है, लेकिन सरकार एक सदन को पंगु बनाकर संसद चलाना चाहती है, जो देश के लिए धोखा है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्तारूढ गठबंधन को बंधक बना रखा है। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा में गांधी को बोलने से रोकने की निंदा करते हैं।

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