महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर सरकार की चुप्पी से अपराधियों के हौंसले बुलंद, महिला पत्रकारों को न्याय देने की मांग : कांग्रेस

पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और न्याय के लिए संघर्ष का ऐलान

महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर सरकार की चुप्पी से अपराधियों के हौंसले बुलंद, महिला पत्रकारों को न्याय देने की मांग : कांग्रेस
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने भाजपा सरकार पर देश में महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 24 घंटे में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं और उनके खिलाफ लगातार हो रहे अत्याचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के तहत सजा दी जानी चाहिए। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के लोग लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जिस तरह ‘नक्सली दिमाग’ शब्द का इस्तेमाल किया, वह अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है। ऐसे लोगों को अपने किए अपराध पर न कोई पछतावा है और न पश्चाताप। उन्होंने कहा कि निशु आज़ाद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से न्याय की गुहार लगाई है। निशु के साथ जिन लोगों ने अत्याचार किया है, उनके खिलाफ 24 घंटे के भीतर कानून के तहत कार्रवाई शुरू होनी चाहिए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार के विरोध में आज संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रही है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि निशु तथा अन्य पीड़ित महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने गुरुवार को गृहमंत्री के कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों के साथ बर्बरता की घटना को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि दोनों महिला पत्रकार गृहमंत्री से सवाल पूछना चाहती थीं लेकिन पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें साकेत से हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि दोनों पत्रकारों के नाम शाहीन खान और नफीसा खान हैं और वे नोएडा में एक नाबालिग के साथ बस में दुष्कर्म के मामले को लेकर गृहमंत्री से सवाल पूछना चाहती थीं। गृहमंत्री ने उनके सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई कराई।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दोनों महिला पत्रकारों को न्याय देने की मांग करते हुए कहा कि उनके साथ हिंसा करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लांबा ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि आकृति ने नोएडा में कर्मचारी आंदोलन के पक्ष में अपनी आवाज उठाई थी जिसके बाद प्रशासन उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह युवती उत्तर प्रदेश की जेल में पांच महीने से बंद है और उसका अपराध आंदोलनकारियों का समर्थन करना था। आकृति को फंसाने के लिए झूठा मामला रचा गया और उनके करियर तथा भविष्य को बर्बाद करने की साजिश की गई। उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

उन्होंने कहा कि आकृति को जेल में इसलिए रखा गया है ताकि दूसरी लड़कियों और युवाओं को डराया जा सके और वे सरकार के खिलाफ होने वाले किसी आंदोलन का समर्थन न करें। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रशासन को फटकार लगाई है और कहा कि सरकार की ओर से ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया जिससे इस महिला को गलत साबित किया जा सके। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सत्ता के दबाव में किए जाने वाले अन्याय में कमी आएगी। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अदालत ने इस मामले में अधिकारियों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। लांबा ने कहा कि इसी तरह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल रही 15 वर्षीय नाबालिग को भी परेशान किया जा रहा है और उसके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि इस नाबालिग बच्ची के खिलाफ सरकार का इस तरह कार्रवाई करना बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई साबित करती है कि प्रधानमंत्री ऐसे आंदोलनों से डरे हुए हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस तरह के अत्याचार से पीड़ित महिलाओं और बेटियों के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक इन बच्चियों को न्याय नहीं मिलता, महिला कांग्रेस संविधान के दायरे में रहकर उनके लिए संघर्ष करती रहेगी।

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