आधी रात गूंजेंगे शंख-नगाड़े, मंदिरों में जन्मेंगे नंदलाल, बृजनाथजी समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी
पंचामृत अभिषेक से शुरू होंगे आयोजन, रात 12 बजे होंगे जन्म दर्शन
कोटा ।जन्माष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को शहर के गढ़ पैलेस स्थित बृजनाथ मंदिर पर सुबह ठाकुरजी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। पुराने कोटा शहर में महाप्रभुजी के बड़े मंदिर, मथुराधीशजी, बृजनाथजी, फूल बिहारीजी, दाऊजी सहित अन्य मंदिरों में वल्लभकुल सम्प्रदाय की परंपराओं के अनुसार जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
बृजनाथजी मंदिर के पुजारी राजेन्द्र श्रृंगी ने बताया की मंदिर में सुबह 6.30 बजे मंगला, दोपहर 12 बजे पंचामृत, 1.15 बजे शृंगार, 1.30 बजे तिलक, 2.30 बजे राजभोग, रात 8 बजे उत्थापन, 8.30 बजे संध्या भोग और 10 बजे जागरण के दर्शन होंगे। मध्यरात्रि 12 बजे जन्म दर्शन होंगे।
वहीं मथुराधीशजी का बड़ा मंदिर मे शुक्रवार सुबह 5 बजे पंचामृत, १ बजे तिलक, 11 बजे राजभोग, शाम 5.30 बजे उत्थापन, 6 बजे भोग, 6.30 बजे आरती, 7 बजे शयन तथा रात 10 बजे जागरण के दर्शन होंगे। रात 12 बजे ठाकुरजी के जन्म के दर्शन करवाए जाएंगे। वहीं जन्माष्टमी पर शहर के गीता भवन, टीलेश्वर महादेव मंदिर, तलवंडी स्थित राधाकृष्ण मंदिर, किशोरपुरा स्थित इस्कॉन मंदिर, रंगबाड़ी स्थित बांके बिहारी मंदिर व मुकुंदरा विहार स्थित नंदग्राम, मथुराधीश मंदिर व पाटनपोल स्थित मथुराधीशजी मंदिर सहित करीब एक दर्जन मंदिरों में बाल गोपाल के जन्म के साथ ही गूंजेगे शंख और ढोल-नगाड़ों की आवाज व आतिशबाजी के साथ रात्रि 12 बजे कान्हा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

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