खरगे-जयराम ने दी जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन की सफलता पर ISRO टीम को बधाई, कहा- देश की रणनीतिक क्षमताओं में होगी बढ़ोतरी

कांग्रेस ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के प्रति जताई प्रतिबद्धता

खरगे-जयराम ने दी जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन की सफलता पर ISRO टीम को बधाई, कहा- देश की रणनीतिक क्षमताओं में होगी बढ़ोतरी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने GSLV-F17/EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित पहला इमेजिंग उपग्रह देश की पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की टीम को जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर बधाई दी और इसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। खरगे ने 'एक्स' पर कहा, "सफल जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन पर पूरी इसरो टीम को बधाई।" उन्होंने कहा कि भूतुल्यकालिक कक्षा में स्थापित भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह ईओएस-05 देश की पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, "जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह ईओएस-05 हमारी पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा, जिन्हें हम वर्षों से विकसित कर रहे हैं।"

उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और सरलता ने देश के अंतरिक्ष प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाया है। खरगे ने कहा, "हमें अपने वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष इंजीनियरों और शोधकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जिनका समर्पण और सरलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लगातार नयी ऊंचाइयों पर ले जा रही है।" आधुनिक भारत के निर्माताओं के विजन को याद करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरिक्ष अनुसंधान का पुरजोर समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी हमेशा से वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रही है। आधुनिक भारत के निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव रखी थी, और हमारे वैज्ञानिकों की पीढ़ियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ उस विरासत को आगे बढ़ाया है।" खरगे का यह बयान मिशन की सफलता के बाद आया, जो उन्नत उपग्रहों के प्रक्षेपण और भारत के अंतरिक्ष-आधारित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में इसरो की बढ़ती क्षमताओं का जिक्र करता है। यह उपलब्धि विकास, सार्वजनिक सेवाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर देश के व्यापक ध्यान को भी दर्शाती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ17 राकेट से ईओएस-05 उपग्रह के सफल प्रक्षेपण और उसे कक्षा में स्थापित किए जाने पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी है। उन्होंने इसे देश के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे भारत की रणनीतिक क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी। 

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रमेश ने कहा कि 2367 किलोग्राम वजन वाले ईओएस-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण इसरो के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में इसरो को कई तरफ से हमलों का सामना करना पड़ा है, ऐसे में यह उपलब्धि उसकी असाधारण दृढ़ता और मुश्किलों से उबरने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश को इसरो की उपलब्धियों और उसकी क्षमता को सलाम करना चाहिए तथा संगठन के आगामी सभी अभियानों की सफलता की कामना करनी चाहिए।

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रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में, जब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर इसरो की भूमिका में आमूलचूल बदलाव किया जा रहा है, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलाव इस प्रेरणादायक सार्वजनिक संस्थान के मूल चरित्र को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसरो ने दशकों तक तमाम कठिनाइयों के बावजूद देश को गौरवान्वित किया है।

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