मोदी ने की जन धन योजना की परिवर्तनकारी भूमिका की सराहना, कहा- लाखों लोगों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से की थी शुरुआत
डिजिटल पेमेंट सेवाओं तक पहुंचने में की मदद
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री जन धन योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसकी यात्रा अभूतपूर्व विस्तार और परिवर्तनकारी परिणामों से चिह्नित रही है। उन्होंने देशभर में वित्तीय समावेशन पर इसके व्यापक प्रभाव को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अभूतपूर्व विस्तार और परिवर्तनकारी परिणाम! जन धन योजना का प्रभाव अद्वितीय रहा है। मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब देश की प्रमुख वित्तीय समावेशन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना ने 28 अगस्त 2014 को शुरू होने के बाद 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत सभी लोगों को बैंकिंग सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच उपलब्ध कराने और औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रह गए लाखों लोगों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 अगस्त 2026 तक 59 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते खोले जा चुके थे, जिनमें कुल जमा राशि 3.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी। लाभार्थियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि लगभग 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं। इस योजना के तहत 41 करोड़ से ज्यादा रूपे कार्ड भी जारी किए गए हैं। पिछले 12 वर्षों में जन धन योजना सरकार की वित्तीय समावेश की कोशिशों का एक मुख्य आधार बन गई है। इसने लाभार्थियों को बैंकिंग, बचत, क्रेडिट और डिजिटल पेमेंट सेवाओं तक पहुंचने में मदद की है।
इस योजना ने जन-धन-आधार-मोबाइल संरचना में भी अहम भूमिका निभाई है। इस संरचना के कारण सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाना संभव हो पाया है और कल्याणकारी सहायता पहुंचाने में होने वाली क्षति को कम करने में मदद मिली है। जैसे-जैसे यह कार्यक्रम अपने 13वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, सरकार का कहना है कि जन धन योजना औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ा रही है और उन लोगों की आर्थिक भागीदारी को मजबूत कर रही है, जो पहले मुख्यधारा की बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे।

Comment List