ईडी के छापे के खिलाफ सड़क पर उतरी ममता बनर्जी, पैदल विरोध मार्च निकाला
विरोध केंद्र सरकार के अन्याय और अपमान के खिलाफ
पश्चिम बंगाल में ईडी की ‘आई पैक’ संस्थापक प्रतीक जैन से जुड़ी छापेमारी के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मार्च निकाला और इसे अधिकारों पर हमला बताया। भाजपा ने ममता पर असंवैधानिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया। मामले में एफआईआर, हाईकोर्ट याचिकाएं और दिल्ली में तृणमूल सांसदों की हिरासत हुई।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ‘आई पैक’ के संस्थापक प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर की गई छापेमारी के खिलाफ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया और इस कार्रवाई को दो करोड़ लोगों के वोट छीनने और उनके अधिकारों के हनन का प्रयास बताया। मार्च शुरू होने से पहले सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि यह विरोध केंद्र सरकार के अन्याय और अपमान के खिलाफ है। ईडी के कार्रवाई के विरोध में अब सड़क ही हमारा जवाब है।
ममता ने संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार किया : भाजपा
इस बीच भाजपा ने ममता बनर्जी पर ईडी के काम में दखल देने, कार्रवाई बाधित करने का प्रयास करने और सबूत को जबरन ले जाने का आरोप लगाते हुए इसे अमर्यादित, असंवैधानिक और शर्मनाक बताया है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करने का भी आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा कि आजाद भारत में जो आज तक नहीं हुआ वह कल बंगाल में हुआ। प्रसाद ने कहा कि बंगाल कोयले की तस्करी का बड़ा केंद्र है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं। यह छापामारी न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी।
हमारी चुनावी रणनीति जब्त करना चाहती है ईडी :
ममता ने आरोप लगाया कि छापेमारी का असली उद्देश्य उनकी पार्टी की चुनावी रणनीतियों और गोपनीय दस्तावेजों को जब्त करना था। उन्होंने इसे एक अपराध करार देते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस की चुनावी जानकारी स्थानांतरित कर दी है।
ममता ने ईडी और सीआरपीएफ के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर :
इस बीच ममता बनर्जी ने ‘आई पैक’ के साल्टलेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जिसके बाद दो थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आपराधिक अतिक्रमण, संपत्ति की चोरी या अनधिकृत जब्ती और डराने-धमकाने के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है।
ईडी पहुंची हाईकोर्ट :
इस बीच ईडी ने इस घटना के संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है और मामले में मुख्यमंत्री का नाम शामिल किया है। तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र के खिलाफ एक जवाबी याचिका दायर की है जिसमें ईडी और आई पैक को पक्ष बनाया गया है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत में भारी हंगामा हुआ। जिसके बाद न्याधी शुभ्रा घोष उठ कर चली गई। इसके बाद सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी गई।
दिल्ली में गृह मंत्रालय के सामने धरना दे रहे आठ तृणमूल सांसद हिरासत में :
उधर नई दिल्ली में ईडी की कार्रवाई के विरोध में गृह मंत्रालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, साकेत गोखले, कीर्ति आजाद, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल हैं। पुलिस ने डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को जबरन पुलिस वैन में डाला। इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन ने मीडिया से कहा कि सांसदों के साथ जो हो रहा है, उसे सब देख रहे हैं।

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