एनटीए में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत : गंभीर खामियों और जवाबदेही के अभाव पर संसदीय समिति ने जताई चिंता, जयराम बोले- समिति ने की उचित व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश
राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने का सुझाव भी दिया
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि शिक्षा संबंधी संसद की स्थायी समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत बताते हुए एनटीए में जवाबदेही, कर्मचारियों की कमी, ठेकेदारों पर निर्भरता और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाये गये हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने एनटीए की कार्यप्रणाली में सुधार और उसे जवाबदेह बनाने के लिए उचित व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश की है।
राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी इस समिति ने नौ अक्टूबर को अपनी 382वीं रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनटीए में स्वीकृत 39 पदों में से केवल 23 पर अधिकारी कार्यरत हैं और 41 प्रतिशत पद खाली हैं और इससे संगठन का कार्य अत्यंत प्रभावित हो रही है। समिति ने सभी स्वीकृत पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की सिफारिश की है।
समिति ने कहा है कि एनटीए की जिम्मेदारियों के अनुरूप उसके संगठनात्मक ढांचे, संसाधनों और जवाबदेही की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। उसने एजेंसी में स्थायी और विशेषज्ञ कर्मचारियों की भर्ती तथा सीमित अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों पर निर्भरता कम करने की जरूरत भी बतायी है। रिपोर्ट में परीक्षा केंद्रों के संचालन में निजी ठेकेदारों पर निर्भरता कम करने और केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधीन परीक्षा केंद्रों को बढ़ावा देने की सिफारिश की गयी है। समिति ने परीक्षा संबंधी सेवाएं देने वाली प्रतिबंधित कंपनियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की जानकारी के लिए राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने का सुझाव भी दिया है।
समिति ने प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका को कम करने के लिए व्यापक और लगातार अद्यतन होने वाला प्रश्न बैंक तैयार करने तथा कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में प्रश्नपत्र परीक्षा के नजदीक आने पर तैयार करने की व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया है। उसने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को पेन-पेपर के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने और इसके लिए सरकारी परीक्षा केंद्रों का पर्याप्त बुनियादी ढांचा विकसित करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग ने समिति को बताया कि 2017 से 2025 तक एनटीए की किसी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था। हालांकि, समिति ने कहा कि इस दावे पर उसके कुछ सदस्यों की राय अलग थी।

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