दक्षिण कोरिया के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत, रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद बोले राजनाथ
रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की
सिंह ने दक्षिण कोरिया दौरे में रक्षा, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दी। सियोल में दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आह्न ग्यु बैक से मुलाकात के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। राजनाथ ने क्षेत्रीय शांति, तकनीकी सहयोग और रक्षा संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ उनकी बैठक अत्यंत सफल रही और इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, साइबर सहयोग और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किये। बैठक के बाद सिंह ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, सियोल में मेरे दक्षिण कोरियाई समकक्ष आह्न ग्यु बैक के साथ उत्कृष्ट बैठक हुई। हमने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और तकनीकी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा, रक्षा उद्योग और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सफल बैठक रही, क्योंकि भारत और कोरिया ने रक्षा साइबर सहयोग को बढ़ावा देने, भारत के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और कोरिया गणराज्य के कोरिया राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच तथा संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सहयोग से संबंधित समझौतों का आदान-प्रदान किया, जिससे हमारी साझेदारी और अधिक मजबूत तथा बहुआयामी बनी। रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के और मजबूत करने की दिशा में आगे बढऩे की अपेक्षा है। सिंह ने कोरिया में वीर सैनिकों के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
उन्होंने कहा, कोरिया के राष्ट्रीय समाधि स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। भारत, कोरिया गणराज्य के वीरों की विरासत का सम्मान करने में उसके साथ एकजुटता से खड़ा है। इससे पहले सोल पहुंचने पर सिंह ने कहा था कि उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत-कोरिया रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।

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