रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वियतनाम-कोरिया दौरा: द्विपक्षीय सहभागिता के दायरे का होगा विस्तार, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों पर चर्चा संभव 

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वियतनाम-कोरिया दौरा: द्विपक्षीय सहभागिता के दायरे का होगा विस्तार, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों पर चर्चा संभव 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करना, रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना है। वह दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करने, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करने तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना हुए। रक्षा मंत्रालय ने आज बताया कि राजनाथ सिंह 18 से 19 मई तक वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जिसके बाद वह 19 से 21 मई तक दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे। राजनाथ सिंह ने दोनों देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले सोशल मीडिया में एक पोस्ट में दोनों एशियाई देशों की यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया ताकि द्विपक्षीय सहभागिता के दायरे का और विस्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस दौरान मुख्य ध्यान रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करने, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करने तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर होगा, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहन मिलेगा।

रक्षा मंत्री की वियतनाम यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है, जिसे पांच से सात मई तक वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित किया गया था। राजनाथ सिंह वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी के लिए 2030 तक के संयुक्त दृष्टि वक्तव्य पर रक्षा मंत्री की 2022 की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। यह दृष्टि वक्तव्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित करता है। दोनों लोकतांत्रिक देशों की क्षेत्र में शांति और समृद्धि में समान रुचि है।

राजनाथ सिंह की यह यात्रा 19 मई को वियतनाम के पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती के अवसर के साथ भी मेल खाती है। रक्षा मंत्री हो ची मिन्ह समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और सम्मान प्रकट करेंगे। दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मंत्रीगण दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय सहभागिता को और मजबूत करने के लिए नई पहलों पर विचार करेंगे। वे साझा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

रक्षा मंत्री रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के मंत्री ली योंग-चोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। कोरियाई युद्ध में भारत का योगदान इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिभाषित होता है। भारत द्वारा इस युद्ध का समर्थन करने का निर्णय भारतीय सेना की 60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस इकाई को तैनात करके युद्ध में मानवीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया था। तीन वर्षों से अधिक समय तक सेवा देते हुए इस इकाई ने दो लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया और लगभग 2,500 शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं संपन्न कीं, साथ ही अनेक नागरिकों का भी उपचार किया। भारत का दूसरा प्रमुख योगदान तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग की अध्यक्षता था, जो संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रस्ताव था और जिसे बहुमत से स्वीकार किया गया। इसके अनुसार भारत की संरक्षक सेना, भारतीय सेना की 5,230 सैनिकों वाली टुकड़ी ने युद्धोत्तर चरण में लगभग 2,000 युद्धबंदियों की शांतिपूर्ण वापसी सुनिश्चित की।

Read More क्या फिर बढ़ेगा टकराव! अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान के जवाब को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया खारिज, बोले- हम दुश्मन के सामने कभी सिर नहीं झुकाएंगे

शहीद सैनिकों को सम्मान देने के लिए 21 मई को देशभक्त एवं पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री क्वोन ओह-यूल के साथ भारतीय युद्ध स्मारक का संयुक्त उद्घाटन प्रस्तावित है। भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' और कोरिया की 'हिंद-प्रशांत रणनीति' के बीच स्वाभाविक सामंजस्य तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा मूल्यों ने दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय खोला है।

Read More पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा चीन-अमेरिका टकराव, वांग यी बोले- एक-दूसरे के बिना नहीं कर सकते काम

Post Comment

Comment List

Latest News

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : परिणाम से नाखुश 12वीं के विद्यार्थियों के लिए अवसर, मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी के लिए आवेदन 19 मई से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : परिणाम से नाखुश 12वीं के विद्यार्थियों के लिए अवसर, मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी के लिए आवेदन 19 मई से
सीबीएसई 12वीं परीक्षा परिणाम 2025-26 से असंतुष्ट विद्यार्थी 19 से 22 मई तक उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन...
'मेट्रो मंडे' की शुरुआत: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने किया मेट्रो और डीटीसी बस का सफर, दिया ईंधन बचत का संदेश
ओस्लो पहुंचे पीएम मोदी: नार्वे पीएम योनास स्तोरे ने किया गर्म जोशी के साथ हवाई अड्डे पर स्वागत, द्विपक्षीय वार्ता आज
डॉलर के दबाव में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 54 पैसे टूटकर 96.35 प्रति डॉलर पर बंद
क्रिकेट सट्टेबाजी पर बड़ी कार्रवाई : 9 आरोपी गिरफ्तार, लाखों के हिसाब, नकदी समेत उपकरण जब्त
अमित शाह ने की नेक्स्ट जेन Dial-112 सेवा लॉन्च: 400 अत्याधुनिक वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, एक कॉल पर मिलेगी सभी आपातकालीन सेवाएं
त्रिपुरा में भीषण सड़क हादसा: ट्रक पलटने से चार श्रमिकों की मौत, अन्य 6 घायल