बॉलीवुड की वो अभिनेत्रियाँ, जिन्होंने अपने ‘लड़की होना’ को बनाई अपनी ताकत, जानें अभिनेत्रियों और उनसे जुड़े किरदारों के बारे में 

‘लड़की होना’ कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है

बॉलीवुड की वो अभिनेत्रियाँ, जिन्होंने अपने ‘लड़की होना’ को बनाई अपनी ताकत, जानें अभिनेत्रियों और उनसे जुड़े किरदारों के बारे में 

हिंदी सिनेमा में विद्या बालन, काजोल, रानी मुखर्जी, कंगना रनौत, आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, तापसी पन्नू और जान्हवी कपूर जैसी अभिनेत्रियों ने सशक्त महिला किरदारों के जरिए ‘लड़की होना’ की परिभाषा बदली। इन कलाकारों ने संवेदनशीलता, आत्मनिर्भरता और साहस को ताकत के रूप में स्थापित कर महिला-केंद्रित सिनेमा को नई दिशा दी।

मुंबई। हिंदी सिनेमा में एक समय था जब ‘लड़की होना’ सीमाओं और समझौतों से जुड़ा माना जाता था, लेकिन कुछ अभिनेत्रियाँ ऐसी रहीं, जिन्होंने अपने किरदारों, सोच और बेबाकी से यह परिभाषा ही बदल दी और यह साबित किया कि संवेदनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और साहस का ही दूसरा नाम है।

विद्या बालन ने यह मिथक तोड़ा कि हीरोइन बनने के लिए एक तय ढांचा जरूरी नहीं है। ‘कहानी’, ‘द डर्टी पिक्चर’ और ‘शेरनी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने आत्मनिर्भर, मजबूत और सोचने वाली स्त्री को बिना किसी समझौते के केंद्र में रखा।

काजोल ने 90 के दशक में ही सशक्त महिला किरदारों को मुख्यधारा में जगह दिलाई। ‘दुश्मन’ और ‘फना’ जैसी फिल्मों में उनकी भावनात्मक ताकत और निर्णय लेने की क्षमता ने यह दिखाया कि मां, प्रेमिका या पत्नी, हर रूप में स्त्री मजबूत हो सकती है।

रानी मुखर्जी ने ‘ब्लैक’, ‘मर्दानी’ और ‘हिचकी’ जैसी फिल्मों में स्त्री शक्ति को नई परिभाषा दी। उनके किरदार नेतृत्व, करुणा और द्दढ़ संकल्प का प्रतीक बने, जहां ‘लड़की होना’ खुद में एक ताकत बनकर उभरा।

Read More फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ का गाना ‘आसमा’ रिलीज : मृणाल-सिद्धांत की केमिस्ट्री ने जीता फैंस का दिल, जानें फिल्म की रिलीज डेट  

‘क्वीन’ से लेकर ‘तनु वेड्स मनु’ तक, कंगना रनौत ने ऐसी महिलाओं को परदे पर जिया, जो खुद अपनी जिंदगी की दिशा तय करती हैं। उनकी बेबाकी ने ‘लड़की होना’ को निडरता और आत्मनिर्भरता की पहचान दी।

Read More ऑस्कर नॉमिनेशन की घोषणा, फिल्म ‘सिनर्स’ ने 16 कैटेगरी में नॉमिनेशन लेकर रचा इतिहास 

‘धड़क’ से लेकर ‘गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल’ और ‘मिली’ जैसी फिल्मों में जान्हवी कपूर ने उन किरदारों को चुना जो भावनात्मक रूप से मजबूत हैं, डर से लड़ते हैं और हालात के आगे झुकते नहीं। ‘गुंजन सक्सेना’ में उन्होंने यह दिखाया कि एक लड़की का सपना आसमान छू सकता है, जबकि ‘मिली’ में सर्वाइवल और मानसिक द्दढ़ता को बेहद सादगी से पेश किया।

Read More अक्षय कुमार की कार हादसे का शिकार, सुरक्षित है एक्टर

आलिया भट्ट ने कम उम्र में ही यह साबित कर दिया कि भावनात्मक गहराई भी एक बड़ी ताकत है। ‘हाईवे’, ‘राजी’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में उनके किरदार संवेदनशील होते हुए भी बेहद मजबूत नजर आते हैं।

दीपिका ने ‘छपाक’ और ‘पद्मावत’ जैसी फिल्मों के जरिए साहस, गरिमा और आत्मसम्मान की मिसाल पेश की। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात कर, वे असल जिंदगी में भी लाखों लड़कियों के लिए सशक्त आवाज बनीं।

प्रियंका चोपड़ा ने भारतीय सिनेमा की सीमाओं से बाहर निकलकर ग्लोबल मंच पर अपनी जबरदस्त पहचान बनाई। साथ ही ‘मैरी कॉम’ जैसी फिल्म के जरिए यह भी दिखाया कि एक लड़की सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी हकदार है और वो चाहे तो कुछ भी कर सकती है।

‘पिंक’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों में तापसी पन्नू ने उस स्त्री को आवाज दी, जो चुप नहीं रहती, सवाल करती है और अपने आत्मसम्मान के लिए खड़ी होती है।

इन सभी अभिनेत्रियों ने अपने-अपने दौर में यह साबित किया कि स्त्री को परिभाषित करने का हक सिर्फ उसी का है। ऐसे में आज हिंदी सिनेमा की महिला सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि कहानी की दिशा तय करने वाली शक्ति है, क्योंकि अब ‘लड़की होना’ कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है।

 

 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

भजनलाल शर्मा का बयान हास्यास्पद और भटकाने वाला : हम भर्तियों की जांच की कर रहे मांग, गहलोत ने कहा- केवल राजनीति करना भाजपा का उद्देश्य भजनलाल शर्मा का बयान हास्यास्पद और भटकाने वाला : हम भर्तियों की जांच की कर रहे मांग, गहलोत ने कहा- केवल राजनीति करना भाजपा का उद्देश्य
म युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ, तब...
ऑन डिमाण्ड वाहन चुराने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, 33 दोपहिया वाहन जब्त
गणतंत्र दिवस पर दर्शकों के बीच मोदी : हाथ हिलाकर किया दर्शकों का अभिवादन, झलक पाने के लिए कुर्सियों से खड़े हुए लोग
फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा छह साइबर ठग गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
मध्य प्रदेश में कोयला मालगाड़ी में लगी आग : वैगन से निकलने लगा धुआं, दमकलकर्मियों ने जल्द ही किया काबू
भारत के लोकतंत्र में संविधान की केंद्रीय भूमिका : हर नागरिक का सबसे बड़ा हथियार, राहुल गांधी ने कहा- यह हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच
दरगाह में शाही कव्वाल पार्टी : शान-ओ-शौकत से ख्वाजा के दर पेश किया बसंत, जुलूस शुरू