भजनलाल शर्मा का बयान हास्यास्पद और भटकाने वाला : हम भर्तियों की जांच की कर रहे मांग, गहलोत ने कहा- केवल राजनीति करना भाजपा का उद्देश्य
फाइलों को खोला ही न जाए
म युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ, तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं।
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'ओएमआर शीट बदलने के मामले में बयान को हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला करार देते हुए कहा है कि हम कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले से अब तक की रहे हैं। गहलोत ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) में पकड़े गए आरोपियों ने केवल कांग्रेस शासन में गड़बड़ी की। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ, तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह सामान्य समझ की बात है कि जो व्यक्ति 2019 में ओएमआर शीट बदलने जैसा अपराध कर रहा था और 2026 तक उसी पद पर जमा रहा, तो क्या यह संभव है कि उसने भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में अपराध करना बंद कर दिया हो। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही अपने कार्यकाल को'क्लीन चिट देकर मुख्यमंत्री क्या विशेष ऑपरेशन समूह (एसओजी) पर यह दबाव नहीं बना रहे हैं कि 2024-25, 2025-26 की फाइलों को खोला ही न जाए।
गहलोत ने कहा कि कल ही जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर रीट भर्ती परीक्षा 2025 के कई एडमिट कार्ड पड़े मिले है, जबकि वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केन्द्र नहीं था। इसकी भी जांच की आवश्यकता है कि ये वहां कैसे पहुंचे या वहां कोई अनुचित कृत्य हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है भाजपा सरकार का उद्देश्य इस सिस्टम को सही करने और युवाओं को न्याय देने की बजाय केवल राजनीति करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर पिछली सरकारों पर दोष मढऩे के बजाय सख्त कार्रवाई की और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा। कठोरतम कानून बनाया, माफिया की संपत्ति ध्वस्त की। सरकार को डरना नहीं चाहिए, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए अपने कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब ऐसा लगने लगा है कि भाजपा सरकार राज्य की जांच एजेंसियों पर यह दबाव बना रही है कि जांच केवल 2023 तक सीमित रखी जाए, 2024-25, 2025-26 की जांच न हो। एसओजी ने बताया है कि 11 साल से ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जा रही थी। एसओजी तो राज्य पुलिस की ङ्क्षवग है, उसकी बात को तो राज्य सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।

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