भारत के लोकतंत्र में संविधान की केंद्रीय भूमिका : हर नागरिक का सबसे बड़ा हथियार, राहुल गांधी ने कहा- यह हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच
गणतंत्र को संवैधानिक मूल्यों से ही मजबूती मिलती है
गणतंत्र को संवैधानिक मूल्यों से ही मजबूती मिलती है। इसी की मजबूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है, जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत के लोकतंत्र में संविधान की केंद्रीय भूमिका का उल्लेख करते हुए इसे हर नागरिक का सबसे बड़ा हथियार बताया। गांधी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक संदेश में कहा कि भारतीय गणतंत्र की ताकत संविधान के मजबूत आधार पर टिकी है और यह केवल समानता और सछ्वाव से ही बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है, यही हमारी आवाज है, हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच। संविधान नागरिकों को सशक्त बनाता है और उनके अधिकारों की रक्षा करता है। गणतंत्र को संवैधानिक मूल्यों से ही मजबूती मिलती है। इसी के मजबूत आधार हमारा गणतंत्र खड़ा है, जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा।
कांग्रेस नेता ने संवैधानिक सुरक्षा को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़ते हुए कहा कि संविधान की रक्षा करना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है। गांधी ने कहा कि संविधान की रक्षा ही, भारतीय गणतंत्र की रक्षा है, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने देश भर के नागरिकों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए अपने संदेश का समापन जय हिंद! जय संविधान! के नारों के साथ किया। गांधी की ये टिप्पणियां संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समानता और समकालीन भारत में लोकतांत्रिक संस्थानों की भूमिका पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आयी हैं।

Comment List