बारिश से स्थिति बदहाल होने के बाद विभागों की टूटी नींद : दूसरे दिन भी नहीं सुधरे हालात, जलभराव से निपटने के लिए तैयारी में जुटा प्रशासन
शहर में जगह-जगह जलभराव एवं क्षतिग्रस्त सड़कों से आमजन बेहाल रहा
जयपुर। मानसून की तैयारियों का दावा करने वाले प्रशासन की राजधानी जयपुर में हुई बारिश ने पोल खोलकर रख दी। शहर में जगह-जगह जलभराव एवं क्षतिग्रस्त सड़कों से आमजन बेहाल रहा। जिला कलक्ट्रेट स्थिति नियंत्रण कक्ष में बारिश के करीब छह घंटे बाद भी मौके पर राहत पहुंचाने में नाकाम रहा। अब बारिश आने पर लोगों को परेशानी नहीं हो इसके लिए जेडीए ने तैयारियां शुरु की है।
मानसून आने से पूर्व आमतौर पर 15 जून तक सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहना होता है। इस संबंध में जिला कलक्टर जेडीए, नगर निगम, राजस्थान आवासन मंडल, जलदाय विभाग, आपदा प्रबंधन, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड़ पर रहने के साथ ही सभी आवाश्यक तैयारी करने के निर्देश जारी करता है। जिला कलक्टर के आदेश के बाद भी इन विभागों की लापरवाही का नतीजा पहली बारिश में शहरवासियों को भुगतना पड़ा। कहीं सड़कें धंस गई तो कहीं घंटों तक पानी का निकास नहीं होने से वाहन चालक घंटों यातायात में फंसे रहे। पहली बारिश के बाद उपजे हालात दुबारा नहीं हों, इसके लिए जेडीए ने शहर में तैयारियां तेज कर दी हैं और बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है। यह नियंत्रण कक्ष 30 सितम्बर तक चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा।
इन स्थानों पर रहेगा नियंत्रण कक्ष :
मानसून के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए जेडीए ने बनीपार्क स्थित अग्निशमन केन्द्र परिसर में केन्द्रीयकृत बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से पूरे शहर में बारिश, जलभराव और राहत कार्यो की निगरानी की जाएगी। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था कर ली गई है।
8 घंटे की रहेगी शिफ्ट :
नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। यहां प्रभारी अधिकारी, अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी कर्मचारी और अन्य स्टाफ तैनात रहेंगे। किसी भी क्षेत्र से जलभराव या बारिश से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जेडीए ने अब आमजन के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। बाढ़ एवं जलभराव से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नागरिक नियंत्रण कक्ष के नंबर 0141-2570096 और 9001288117 पर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में उप बाढ़ नियंत्रण केन्द्र भी बनाए गए हैं। इनमें विद्याधर नगर सेक्टर 4 सामुदायिक केन्द्र, ज्योतिबा फूले कॉलेज के पास लॉस्ट फार्म सामुदायिक केन्द्र, वैशाली नगर, सायपुरा, दांतली, पालड़ी मीणा, मुहाना मंडी और हाथोज क्षेत्र शामिल हैं।
दूसरे दिन भी गड्डे जस के तस :
बारिश के दूसरे दिन भी झोटवाड़ा पुलिया के नीचे गहरा गड्डा हो गया और दिनभर वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी और मौके पर जाम के हालात रहे। इसी प्रकार अजमेर दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे की सर्विस लाईन पर झोटवाड़ा नांगल पुलिया के पास पेड़ गिरने के बाद भी नहीं हटा।

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